जलसंरक्षण हेतु किशोरी पंचायत में जनसहयोग से एक दिन में बने 60 सोख्ता गड्ढे
कोरिया 12 मार्च 2026 – प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा मोर गांव मोर पानी जलसंरक्षण महाभियान कोरिया जिले में आवा पानी झोंकी के नाम से नए बदलाव की बयार बन चुका है। कोरिया जिले के जनपद पंचायत सोनहत अंतर्गत दूरस्थ ग्राम पंचायत किशोरी के टिपका पारा में जल संरक्षण और स्वच्छता को लेकर एक सराहनीय पहल की गई है। “आवा पानी झोंकी” अभियान से प्रेरित होकर स्थानीय ग्रामीणों ने सामूहिक श्रमदान के माध्यम से एक ही दिन में 60 सोख्ता गड्ढों का निर्माण कर मिसाल पेश की है।
स्थिति की गंभीरता
इस गांव में पहले घरों से निकलने वाला अपशिष्ट जल खुले में फैल जाता था, जिससे गंदगी और मच्छरों की समस्या बढ़ जाती थी। कई स्थानों पर पानी जमा होने से ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। यह समस्या आम जनजीवन के आवागमन से लेकर उनके स्वास्थ्य पर भी बेहद दुष्प्रभाव डाल रही थी। प्रशासन की पहल से इस समस्या के लिए ग्राम पंचायत ने आगे बढ़कर समस्या हल करने का निर्णय लिया।
आवा पानी झोंकी से मिली प्रेरणा
ग्राम पंचायत के सरपंच श्री बबन ने बताया कि गर्मी के मौसम में गांव का भू-जल स्तर काफी नीचे चला जाता है। साथ ही घरों से निकलने वाला गंदा पानी खुले में फैलने से गांव का वातावरण भी लगातार प्रभावित होता था। प्रशासन द्वारा आवा पानी झोंकी अभियान के तहत पहले प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों को प्रोत्साहित कर उनके घरों में सोख्ता गड्ढों के निर्माण कराए इससे नए घरों के निकासी जल की समस्या समाप्त हुई। इसके बाद गांव में भी इसे जनसहयोग से हर घर में लागू करने का निर्णय लिया गया है।
वार्ड वार बैठक से निकला हल
सरपंच ने बताया कि इस कार्य को पूरा करने के लिए ग्राम पंचायत के सभी वार्डों की एक बैठक आयोजित कर सर्वसम्मति से समस्या के निराकरण का सामूहिक निर्णय लिया गया। विशेष बात यह है कि इस कार्य में शासन की कोई राशि खर्च नहीं हुई और सभी ग्रामीणों ने स्वयं प्रेरित होकर जनसहयोग और श्रमदान के माध्यम से इस पहल को सफल बनाया है। अब हर घर से निकला हुआ यह पानी सोख्ता गढढे से जमीन में समाहित होगा, जिससे गांव में स्वच्छता बनी रहेगी और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
लक्ष्य शतप्रतिशत है
स्थानीय निवासियों के सहयोग से उर्जावान सरपंच ने बताया कि हमारा लक्ष्य शतप्रतिशत घरों में सोख्ता गढढे बनाने का है। एक ही दिन में हमने पूरे गांव के 60 घरों में यह कार्य कर लिया है। अब जल्द ही पूरे गांव के हर घर में सोख्ता गड्ढों का निर्माण किया जाए। इसके साथ ही खेतों में भी 5 प्रतिशत मॉडल के तहत गड्ढे बनाए जा रहे हैं, जिससे वर्षा जल संरक्षण और भू-जल स्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी। ग्रामीणों की इस सामूहिक पहल ने यह साबित कर दिया है कि सामुदायिक भागीदारी से जल संरक्षण और स्वच्छता के क्षेत्र में बड़े बदलाव संभव हैं। किशोरी पंचायत का यह प्रयास क्षेत्र के अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणादायक बन रहा है।