अम्बेडकर अस्पताल में बदली जांच प्रणाली: सीटी स्कैन–एमआरआई उसी दिन, जूनियर डॉक्टर बिना अनुमति नहीं बनाएंगे पर्ची

रायपुर। डॉ. बी. आर. अम्बेडकर अस्पताल में अब सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई जांच के लिए मरीजों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अस्पताल प्रबंधन ने रेडियोलॉजी विभाग की व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए तय किया है कि मरीज की जांच उसी दिन की जाएगी। साथ ही जूनियर डॉक्टर अब इन जांचों के लिए सीधे पर्ची नहीं बना पाएंगे। पर्ची तभी बनेगी जब यूनिट इंचार्ज कंसल्टेंट जांच की आवश्यकता पर हस्ताक्षर करेंगे।

प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल अम्बेडकर अस्पताल में जांच संबंधी सुविधाओं में सुधार के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। पहले मरीजों को सोनोग्राफी और सीटी स्कैन के लिए 15 से 20 दिन तक का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन पिछले एक सप्ताह में वेटिंग सूची तेजी से घटने लगी है। शुक्रवार को 256 सोनोग्राफी जांचें हुईं, जबकि पहले यह संख्या 130 से 135 के बीच रहती थी। वर्तमान में सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए 15 दिसंबर तक का स्लॉट भरा है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन के अनुसार 16 दिसंबर से किसी भी जांच के लिए वेटिंग नहीं रहेगी।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आवश्यक सामग्री और मशीनों के संचालन से जुड़ी व्यवस्थाएं भी दुरुस्त की जा रही हैं, ताकि जांच प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। दूसरी ओर यह भी पाया गया कि ओपीडी में आने वाले कई मरीजों के लिए जूनियर डॉक्टर द्वारा अनावश्यक रूप से सीटी स्कैन और एमआरआई की पर्चियां बनाई जा रही थीं, जिससे वेटिंग लगातार बढ़ रही थी। इसे रोकने के लिए अब पर्ची पर यूनिट इंचार्ज की अनुमति अनिवार्य कर दी गई है।

अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने पुष्टि की कि अब सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए जूनियर डॉक्टर सीधे पर्ची जारी नहीं करेंगे। जांच की अनुमति केवल यूनिट इंचार्ज कंसल्टेंट देंगे। उन्होंने कहा कि सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई की वेटिंग कम हो रही है और जल्द ही सभी जांच उसी दिन कर दी जाएंगी, जिससे मरीजों को राहत मिलेगी।

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