सतना। जिले के धारकुण्डी थाना क्षेत्र के झखौरा गांव में धर्मांतरण और कथित अवैध मस्जिद निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रशासन द्वारा विवादित ढांचे को सील किए जाने के बाद बुधवार को विश्व हिंदू परिषद ने गांव में महापंचायत आयोजित की। महापंचायत के दौरान हालात तब तनावपूर्ण हो गए, जब बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता उस ढांचे को गिराने की मांग करते हुए आगे बढ़ने लगे।
विवादित ढांचा सील
मामला सामने आते ही मझगवां एसडीएम आईएएस महिपाल सिंह गुर्जर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए झखौरा स्थित मस्जिद नुमा मकान को पूरी तरह सील कर दिया। प्रशासन ने भवन के किसी भी प्रकार के उपयोग पर तत्काल रोक लगाते हुए ताले लगवा दिए। यह कार्रवाई स्थानीय निवासी पंकज पाठक की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच के आधार पर की गई।
धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग का आरोप
जांच में सामने आया कि लालमन चौधरी उर्फ अब्दुल रहमान, विजय भारती उर्फ मोहम्मद उमर और दीनानाथ चौधरी उर्फ अब्दुल्ला पर आर्थिक प्रलोभन के जरिए धर्म परिवर्तन का आरोप है। मुख्य आरोपी लालमन के बैंक खाते में विदेशों से 8 से 9 लाख रुपये की राशि आने की बात भी जांच में सामने आई, जिसे गांव में मस्जिद निर्माण में लगाए जाने का दावा किया गया। इस मामले में धारकुण्डी पुलिस पहले ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।


महापंचायत के बाद बढ़ा तनाव
इन घटनाओं के विरोध में विश्व हिंदू परिषद ने गांव में महापंचायत बुलाई। बजरंग दल का कहना है कि जिस गांव में कोई मुस्लिम परिवार निवास नहीं करता, वहां मस्जिद का निर्माण संदिग्ध है और इसका उद्देश्य हिंदुओं का धर्मांतरण था। महापंचायत के बाद सैकड़ों कार्यकर्ता विवादित ढांचे को हटाने की मांग करते हुए गांव की ओर बढ़े, जिससे मौके पर तनाव और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।