नई दिल्ली: ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) में अपनी बुद्धिमानी से 50 लाख रुपये जीतने वाली मध्य प्रदेश की चर्चित तहसीलदार अमिता सिंह तोमर अब कानून के शिकंजे में बुरी तरह फंस गई हैं। श्योपुर जिले के बहुचर्चित बाढ़ राहत घोटाले में मुख्य आरोपी अमिता सिंह को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उन्हें राहत देने का कोई ठोस आधार नहीं दिखता।
2.57 करोड़ का गबन और 110 आरोपी यह मामला साल 2021 का है, जब श्योपुर जिले में आई भीषण बाढ़ के दौरान पीड़ितों के लिए आई राहत राशि में भारी बंदरबांट की गई थी। जांच में सामने आया कि करीब 2.57 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा हुआ है। इस घोटाले में अमिता सिंह (तत्कालीन तहसीलदार, बड़ौदा) के साथ 28 पटवारियों समेत कुल 110 लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि सरकारी खजाने का पैसा असली पीड़ितों तक पहुँचने के बजाय मिलीभगत से गबन कर लिया गया।
अब गिरफ्तारी तय! अमिता सिंह इससे पहले श्योपुर की विशेष अदालत और ग्वालियर हाई कोर्ट से भी जमानत की गुहार लगा चुकी थीं, लेकिन वहां भी उन्हें नाकामी हाथ लगी। अब देश की सबसे बड़ी अदालत (सुप्रीम कोर्ट) से दरवाजा बंद होने के बाद उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। वर्तमान में वे विजयपुर तहसील में पदस्थ हैं और पुलिस कभी भी उन्हें हिरासत में ले सकती है।
चर्चा में रही थीं ‘KBC वाली मैडम’ अमिता सिंह तोमर साल 2011 में केबीसी के सीजन-5 में नजर आई थीं। वहां 50 लाख रुपये जीतकर वे पूरे प्रदेश में मशहूर हो गई थीं। हालांकि, अब भ्रष्टाचार के इस गंभीर मामले ने उनकी साख पर बट्टा लगा दिया है। स्थानीय लोग और पीड़ित लंबे समय से इस घोटाले के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे।