रायगढ़। जिले के तमनार ब्लॉक में कोल खदान के विरोध में हुए उग्र प्रदर्शन ने उस वक्त गंभीर मोड़ ले लिया, जब प्रदर्शनकारियों ने ड्यूटी पर तैनात लेडी कॉन्स्टेबल के साथ अभद्रता की। उग्र आंदोलन ने आरक्षक की वर्दी फाड़कर उसे खेतों में घसीटा गया, झाड़ू और चप्पल दिखाकर डराया गया। इस दौरान महिला आरक्षक अपनी आबरू बचाने के लिए रोती-बिलखती और गिड़गिड़ाती नज़र आई। इस शर्मनाक घटना के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति भी गरमा गई है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि किसी भी उग्र आंदोलनों के पीछे कांग्रेस का हाथ होता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने भी घटना को निंदनीय बताया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आदिवासियों को उनके घरों से बेदखल किया जा रहा है और भाजपा सरकार में कोयले की लूट हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था का पालन सभी को करना चाहिए, और जो भी कानून हाथ में लेगा, वह गलत है।