भिलाई। सुपेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में शनिवार सुबह 42 वर्षीय मोहन रामटेके का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंच गई है। पुलिस जहां प्राथमिक रूप से इसे खुदकुशी मानकर चल रही है, वहीं मृतक के भाई ने शरीर पर मिले चोट के निशानों का हवाला देते हुए हत्या का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार, मोहन रामटेके पिछले तीन महीनों से इस कॉलोनी में किराए के मकान में रहकर पेंटिंग का काम करते थे। शनिवार सुबह जब मकान मालिक को घटना का पता चला, तब पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची स्मृति नगर चौकी और सुपेला पुलिस ने कमरे से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसमें दो लोगों के नामों का जिक्र होने की बात सामने आ रही है।
मृतक के भाई नवीन रामटेके ने बताया कि मोहन की मां का भिलाई के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है और शनिवार को ही उनका ऑपरेशन होना था। इसी वजह से परिवार के सभी सदस्य रात में अस्पताल में ही रुके हुए थे और घर पर कोई मौजूद नहीं था। परिजनों का कहना है कि मोहन का किसी से कोई बड़ा विवाद नहीं था, लेकिन शव की स्थिति और चोट के निशान मामले को संदिग्ध बना रहे हैं।
गौरतलब है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी सिटी सुखनंदन राठौर और सीएसपी भिलाई नगर भी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की जांच की जा रही है। मैदानी सूत्रों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह साफ हो पाएगी।