महाशिवरात्रि पर हथखोज से निकली प्रदेश की सबसे बड़ी शिव बारात, 54,600 से अधिक बाराती शामिल — एशिया व इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज

रमेश गुप्ता भिलाई।
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हथखोज से निकली भगवान भोलेनाथ की भव्य बारात ने इस वर्ष ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया। प्रदेश की सबसे बड़ी मानी जा रही इस शिव बारात में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा भिलाई “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
हथखोज स्थित शिवमंदिर में छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुण गौतम ने विधिवत अभिषेक कर बाबा की बारात को रवाना किया। इसके साथ ही हजारों श्रद्धालु, कलाकार और भक्त बारात में शामिल हो गए। आयोजन का नेतृत्व बोलबम सेवा एवं कल्याण समिति ने किया, जिसने 18वें वर्ष यह भव्य आयोजन संपन्न कराया।
जनप्रतिनिधियों और गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति


बारात में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह, विधानसभा अध्यक्ष की धर्मपत्नी वीणा सिंह, पूर्व स्पीकर धरमलाल कौशिक, पूर्व गृहमंत्री रामसेवक पैंकरा, दुर्ग सांसद विजय बघेल, भिलाई जिला भाजपा अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन, भाजपा नेता दीपक साहू, उपकार चंद्राकर, भाजपा भिलाई जिला प्रभारी रामजी भारती, शिक्षाविद आईपी मिश्रा एवं कॉमर्स गुरु संतोष राय सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।
सभी अतिथियों ने आयोजन की भव्यता की सराहना करते हुए समिति अध्यक्ष दया सिंह को शुभकामनाएं दीं।
झांकियों ने मोहा मन, केरल और आंध्रप्रदेश की प्रस्तुति बनी आकर्षण
हथखोज से निकली इस विराट बारात में 100 से अधिक झांकियां शामिल रहीं। विशेष रूप से केरल और आंध्रप्रदेश से आई सांस्कृतिक एवं धार्मिक झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
एक ओर शरीर पर भभूति रमाए नर-पिशाच, अघोरी और देव-दानव थिरकते नजर आए, तो दूसरी ओर शिव-पार्वती विवाह, महाकाली तांडव, रामदरबार और श्रीकृष्ण लीला की जीवंत प्रस्तुतियों ने वातावरण को अलौकिक बना दिया। ढोल-नगाड़ों, धुमाल, बैंड-बाजा और आकर्षक रोशनी के बीच पूरी बारात भक्ति और उल्लास से सराबोर रही।
54,600 से अधिक बाराती, रिकॉर्ड में दर्ज हुआ आयोजन
बारात की भव्यता का आकलन करने के लिए दिल्ली से आए कृष्ण कुमार गुप्ता एवं उनकी टीम ने पूरे आयोजन का रिकॉर्ड पैमाने पर परीक्षण किया। आधिकारिक गणना के अनुसार 54,600 से अधिक श्रद्धालु और बाराती इस आयोजन में शामिल हुए।
इसके साथ ही आयोजन का नाम India Book of Records और Asia Book of Records में दर्ज किया गया। यह उपलब्धि न केवल समिति के लिए, बल्कि पूरे भिलाई और प्रदेश के लिए गौरव का विषय बनी।
तीन वर्षों बाद बना नया कीर्तिमान
समिति के प्रदेश अध्यक्ष दया सिंह ने कहा कि “महादेव की असीम कृपा से तीन वर्षों बाद शिव बारात ने पुनः ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। यह सफलता समिति के प्रत्येक सदस्य, स्वयंसेवकों और शहरवासियों के सहयोग का परिणाम है।” उन्होंने सभी अतिथियों, प्रशासनिक अधिकारियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
आस्था, अनुशासन और सामाजिक एकता का प्रतीक
पूरे आयोजन में सुरक्षा और यातायात की सुव्यवस्थित व्यवस्था रही। हजारों की भीड़ के बावजूद अनुशासन और व्यवस्था ने आयोजन को सफल बनाया।
यह शिव बारात केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विविधता और सामूहिक आस्था का विराट प्रतीक बनकर उभरी।
भिलाई ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि जब आस्था और संगठन साथ आते हैं, तो इतिहास रचते हैं।

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