नए वित्तीय वर्ष का आगाज़: आज से जेब और जीवन पर असर डालेंगे ये 10 बड़े बदलाव

आज 1 अप्रैल 2026 से नया फाइनेंशियल ईयर शुरू हो गया है। हर साल की तरह इस बार भी सरकार और बैंकिंग सिस्टम ने कई नियमों में फेरबदल किया है। आपकी सैलरी से लेकर रेलवे के सफर और एटीएम से पैसे निकालने तक, बहुत कुछ बदल गया है। अगर आप इन बदलावों से अनजान हैं, तो आपकी जेब पर चपत लग सकती है।

जानिए वे 10 खास बदलाव जो आज से प्रभावी हो गए हैं:

1. टैक्स की नई व्यवस्था लागू अब देश में ‘टैक्स ईयर’ का कॉन्सेप्ट शुरू हो गया है। पुराने जटिल सिस्टम को हटाकर प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। इसके साथ ही ITR-3 और ITR-4 भरने वालों को राहत देते हुए अंतिम तारीख 31 अगस्त कर दी गई है।

2. सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव नए लेबर कोड के संकेत हैं कि अब कंपनियों को कुल वेतन का 50% हिस्सा बेसिक पे रखना होगा। इसका मतलब है कि आपके पीएफ (PF) में ज्यादा पैसा कटेगा, जिससे भविष्य सुरक्षित होगा लेकिन हर महीने घर ले जाने वाली (Take Home) सैलरी कम हो सकती है।

3. ग्रेच्युटी का फायदा बेसिक सैलरी बढ़ने का सीधा फायदा आपकी ग्रेच्युटी पर पड़ेगा। रिटायरमेंट या नौकरी बदलने के समय अब आपको पहले के मुकाबले मोटी रकम मिलेगी।

4. फास्टैग (FASTag) हुआ महंगा नेशनल हाईवे पर सफर करना अब थोड़ा और महंगा होगा। एनएचएआई ने सालाना पास की कीमत 3,000 से बढ़ाकर 3,075 रुपए कर दी है।

5. रेलवे रिफंड के कड़े नियम अब ट्रेन छूटने से मात्र 8 घंटे पहले तक ही टिकट कैंसिल कराने पर रिफंड मिलेगा। इसके बाद कैंसिलेशन पर कोई पैसा वापस नहीं होगा। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि अब आप ट्रेन खुलने के 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे।

6. पैन कार्ड के लिए सिर्फ आधार काफी नहीं अगर आप नया पैन कार्ड (PAN Card) बनवाने जा रहे हैं, तो अब सिर्फ आधार कार्ड से काम नहीं चलेगा। अब आपको जन्म प्रमाण पत्र, वोटर आईडी या 10वीं की मार्कशीट जैसे अतिरिक्त दस्तावेज देने होंगे।

7. फटाफट अपडेट होगा क्रेडिट स्कोर आरबीआई के निर्देशानुसार अब बैंकों को हर हफ्ते लोन की जानकारी अपडेट करनी होगी। इससे आपका सिबिल (CIBIL) स्कोर अब महीनों के बजाय हफ्तों में अपडेट हो जाएगा।

8. गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स अगर आप शेयर बाजार से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीदते हैं, तो अब मुनाफे पर 12.5% टैक्स देना होगा। हालांकि, सीधे आरबीआई से खरीदकर मैच्योरिटी तक रखने वालों को छूट मिलती रहेगी।

9. एटीएम (ATM) ट्रांजैक्शन पर शुल्क मुफ्त सीमा खत्म होने के बाद एटीएम से पैसा निकालना महंगा पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर, एचडीएफसी जैसे बैंकों ने तय लिमिट के बाद प्रति ट्रांजैक्शन 23 रुपए तक का शुल्क वसूलना शुरू कर दिया है।

10. डिजिटल पेमेंट की डबल सुरक्षा अब ऑनलाइन पेमेंट सिर्फ ओटीपी (OTP) के भरोसे नहीं होगा। टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है, यानी ओटीपी के साथ आपको पिन या फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करना होगा।

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