रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान गृह मंत्री विजय शर्मा ने वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले जवानों और अधिकारियों के लिए राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली सम्मान राशि की विस्तृत जानकारी साझा की। भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो के सवाल का जवाब देते हुए गृह मंत्री ने बताया कि वीरता पदक से सम्मानित होने वाले राज्य के मूल निवासी जवानों को उनके नियोक्ता बल द्वारा एकमुश्त 20 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार की ओर से उन्हें जीवनभर के लिए 20 हजार रुपये प्रतिमाह का भत्ता भी दिया जाता है।
विधायक रामकुमार टोप्पो ने सदन में पूछा था कि क्या छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के उन जवानों को कोई विशेष सम्मान राशि दी जाती है जिन्हें वीरता कार्यों के लिए पदक प्राप्त होते हैं। इसके साथ ही उन्होंने वर्ष 2024 से अब तक पदक प्राप्त करने वाले जवानों की संख्या की जानकारी भी मांगी थी।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ पुलिस और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के जवानों को राष्ट्रपति वीरता पदक या वीरता पदक मिलने पर भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित मौद्रिक भत्ता दिया जाता है। वहीं, राज्य पुलिस बल के कार्मिकों को छत्तीसगढ़ शौर्य पदक प्राप्त होने पर राज्य सरकार द्वारा निर्धारित भत्ता प्रदान किया जाता है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी परिपत्र का हवाला देते हुए गृह मंत्री ने आगे बताया कि छत्तीसगढ़ के स्थायी निवासी, जो विभिन्न राज्य बलों, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों या सेना में कार्यरत हैं, उन्हें वीरतापूर्ण कार्यों के लिए शौर्य और युद्ध सेवा मेडल श्रृंखला के अंतर्गत चक्र या मेडल प्राप्त होने पर अनुदान राशि दी जाती है। यह प्रावधान पुलिस बल के कार्मिकों के साथ-साथ वीरता दिखाने वाले आम नागरिकों के लिए भी लागू है, जिसमें भूमि के बदले नकद राशि देने का प्रावधान शामिल है।