रायपुर। छत्तीसगढ़ में ठंड का नया दौर शुरू हो गया है। सरगुजा संभाग में सुबह से घना कोहरा छाया रहा और अंबिकापुर में पिछले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दस वर्षों में नवंबर का सबसे कम तापमान है। अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर विजिबिलिटी मात्र 100 मीटर रह गई, जिससे वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ रहा है।
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग सहित कई जिलों में रात का पारा 3-4 डिग्री तक गिरा है। सरगुजा संभाग में शीतलहर का असर बना हुआ है। राज्य में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस (दुर्ग) रहा।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन के कारण आज दक्षिण एवं मध्य छत्तीसगढ़ (बस्तर, धमतरी, महासमुंद, रायपुर-बिलासपुर संभाग) में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी संभव है। अगले 24 घंटे में तापमान में खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद तीन दिन में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ गया है। शीतलहर के दौरान अनावश्यक बाहर न निकलें और पूरी तरह गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर जाएं।