रायपुर। रात में बढ़ती ठंड और सुबह घनी धुंध के चलते पूरा छत्तीसगढ़ प्रभावित है। वर्तमान में बिलासपुर और रायपुर को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। सबसे अधिक असर अंबिकापुर क्षेत्र में देखा जा रहा है और आने वाले दिनों में स्थिति में खास बदलाव की संभावना नहीं है।
सुबह की धुंध इतनी घनी है कि सरगुजा संभाग के कई इलाकों में सूर्योदय के बाद भी दृश्यता प्रभावित बनी हुई है। रायपुर सहित अन्य क्षेत्रों में भी धुंध का असर देखा जा रहा है। इसके साथ ही रात में पड़ने वाली ठंड ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। प्रदेश का न्यूनतम तापमान फिलहाल 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है और इसमें तत्काल बढ़ोतरी के आसार कम हैं।
पिछले 24 घंटों में ठंड का सबसे ज्यादा असर अंबिकापुर में दर्ज किया गया, जहां न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं रायपुर में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जहां ठंड का प्रभाव मध्यम रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों में उत्तरी छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि हो सकती है। मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होने की संभावना है, जबकि इसके बाद आगामी तीन दिनों में तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।
कोहरे को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। रविवार को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरबा, रायगढ़, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर और बलरामपुर जिलों में एक-दो स्थानों पर घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है, जिसके चलते इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और मुंगेली जिलों में एक-दो स्थानों पर मध्यम कोहरा छाने की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, 22 दिसंबर तक गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरबा, रायगढ़, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर और बलरामपुर जिलों में एक-दो स्थानों पर घना कोहरा बने रहने की संभावना है।