गरियाबंद। कलेक्टर भगवान सिंह उईके ने शुक्रवार को देवभोग पहुंचकर विभिन्न विभागीय योजनाओं की सघन समीक्षा की। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर और एसपी वेदव्रत सिरमौर्य भी उनके साथ मौजूद रहे। दौरे के क्रम में कलेक्टर ने सुपेबेड़ा गांव का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने ग्रामीणों और महिला समूहों से चर्चा कर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और सुविधाओं की जानकारी ली।
सुपेबेड़ा में बदलाव की बानगी
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सुपेबेड़ा में विवाह कार्यक्रमों की बढ़ती संख्या पर प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने कहा कि दो साल पहले तक किडनी की बीमारी और पेयजल संकट के कारण गांव में सामाजिक आयोजन कम होते थे, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। ग्रामीणों ने उन्हें गांव में हुई नई सुविधाओं के बारे में अवगत कराया। कलेक्टर ने इसे गांव की सामाजिक और आर्थिक प्रगति का सुखद प्रमाण बताया।
लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर कार्रवाई
जनपद सभा कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर ने विभिन्न योजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। आवास योजनाओं और रोजगार गारंटी के कार्यों में विलंब को लेकर उन्होंने सचिवों को फटकार लगाई और जनपद सीईओ को लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी केंद्रों में रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया में देरी पाए जाने पर परियोजना अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसके अलावा, कलेक्टर ने किसानों की योजनाओं, बोनस भुगतान, एलपीजी उपलब्धता और टीकाकरण समेत 30 से अधिक हितग्राही मूलक योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की।
किसान की प्रगति देख चकित हुए अफसर
बैठक के बाद कलेक्टर और अन्य अधिकारियों ने उद्यानिक फसलों का जायजा लिया। इस दौरान करचिया के किसान धनीराम के खेत में 5 एकड़ में पाम ऑयल की खेती देखी गई। वहीं, किसान की बाड़ी में स्ट्रॉबेरी की खेती देखकर अधिकारी भी आश्चर्यचकित रह गए। किसान ने अधिकारियों को अपने खेत में उगी स्ट्रॉबेरी का स्वाद भी चखाया, जिसकी सभी ने सराहना की।