सक्ती। जिले में खरीफ विपणन वर्ष के अंतर्गत चल रही धान खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। कलेक्टर, सीईओ, धान खरीदी नोडल अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार सहित धान खरीदी से जुड़े सभी जिला स्तरीय अधिकारी व जांच दल लगातार दिन-रात फील्ड में सक्रिय रहते हुए औचक निरीक्षण कर रहे हैं।
इस बार प्रशासन की विशेष रणनीति के तहत केवल दिन में ही नहीं, बल्कि रात के समय भी धान खरीदी केंद्रों, परिवहन मार्गों और भंडारण स्थलों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। सभी अधिकारी रात्रिकालीन निरीक्षण के माध्यम से धान खरीदी से संबंधित कोचियों, बिचौलियों, अवैध परिवहन, अमानक धान और अनियमितताओं पर पैनी नजर रखे हुए हैं। कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, धान खरीदी नोडल अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर खरीदी व्यवस्थाओ का लगातार जायजा ले रहे हैं।
धान की गुणवत्ता, बोरी सिलाई, स्टेकिंग, वजन, किसानों के टोकन, हमालों की उपलब्धता और रिकॉर्ड संधारण जैसे बिंदुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। प्रशासन की इस सतत निगरानी और रात्रीकालीन निरीक्षण से जिले में अवैध गतिविधियों में संलिप्त तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों की मौजूदगी यह स्पष्ट संदेश दे रही है कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, लापरवाही या अवैध कार्य को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र किसानों का एक-एक दाना धान नियमानुसार खरीदा जाए और शासन की राशि का दुरुपयोग न हो। इसके लिए 24 घंटे सतत निगरानी व्यवस्था लागू की गई है और सभी संबंधित अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ फील्ड में डटे हुए हैं।