स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने होम लोन की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। बैंक ने ऊपरी सीमा की ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट्स (0.25%) का इजाफा किया है।
अब SBI होम लोन की ब्याज दर 7.50% से 8.70% के बीच होगी। पहले यह 7.50% से 8.45% के बीच थी। यानी निचली सीमा को जस का तस रखा गया है, लेकिन ऊपरी सीमा बढ़ा दी गई है।
किसे होगा फायदा और किसे नुकसान
- जिन ग्राहकों का क्रेडिट स्कोर अच्छा है, उन्हें पहले की तरह ही न्यूनतम 7.50% ब्याज पर लोन मिल सकता है।
- वहीं जिनका क्रेडिट स्कोर कम है, उन्हें अब अधिकतम 8.70% ब्याज दर चुकानी होगी। इसका सीधा असर उनकी EMI और कुल ब्याज भुगतान पर पड़ेगा।
EMI पर कितना असर पड़ेगा?
- 50 लाख रुपये का लोन, 20 साल के लिए
- 8.70% ब्याज पर EMI होगी ₹44,026, कुल ब्याज भुगतान ₹55.66 लाख।
- 8.45% ब्याज पर EMI होती ₹43,233, कुल ब्याज भुगतान ₹53.75 लाख।
यानी ब्याज दर बढ़ने से EMI में लगभग ₹793 प्रति माह और कुल ब्याज में करीब ₹1.91 लाख का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
RBI की दरें स्थिर, फिर भी SBI का कदम
गौरतलब है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने हाल ही में रेपो रेट को 5.55% पर स्थिर रखा है। आमतौर पर रेपो रेट स्थिर रहने या घटने पर लोन सस्ता होता है। इसके बावजूद SBI ने ऊपरी ब्याज दर बढ़ा दी।
जानकारों का कहना है कि होम लोन की बढ़ती मांग और कम ब्याज दरों से बैंकों के घटते मार्जिन को देखते हुए SBI ने यह कदम उठाया है, ताकि अपने मुनाफे को सुरक्षित रखा जा सके।