भारत की मदद के लिए आगे आया सऊदी अरब: ईरान युद्ध के बीच लाल सागर के रास्ते भेजा लाखों बैरल तेल

Saudi Arabia India oil supply : नई दिल्ली: अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध के 19वें दिन भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। खाड़ी देशों में तनाव और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के बंद होने से उपजे तेल संकट के बीच सऊदी अरब ने भारत के साथ अपनी दोस्ती निभाई है। तमाम बाधाओं के बावजूद सऊदी अरब ने 4 बड़े टैंकरों के जरिए लाखों बैरल कच्चा तेल भारत के लिए रवाना कर दिया है।

होर्मुज की जगह चुना वैकल्पिक रास्ता ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद किए जाने और जहाजों पर हमलों के कारण खाड़ी देशों से तेल की आपूर्ति ठप हो गई थी। ऐसे में सऊदी अरब ने करीब 1200 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए तेल को अपने ‘यानबू पोर्ट’ तक पहुँचाया और वहां से लाल सागर (Red Sea) के रास्ते भारत भेजना शुरू किया है। इस वैकल्पिक रास्ते से तेल आने के कारण भारत में ईंधन की सप्लाई बनी रहेगी, जिससे आम जनता को महंगाई और किल्लत से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

4 टैंकरों में आ रहा है 60 लाख बैरल तेल रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्तमान में सऊदी अरब से 4 बड़े टैंकर भारत की ओर आ रहे हैं, जिनमें लगभग 60 लाख बैरल तेल लदा है। अनुमान है कि इस महीने के अंत तक 90 लाख से 1 करोड़ बैरल अतिरिक्त तेल भारत पहुँच जाएगा। हालांकि, लाल सागर और बाब अल-मंडेब के पास हूती विद्रोहियों का खतरा अब भी बना हुआ है, लेकिन मौजूदा ऊर्जा संकट को देखते हुए सऊदी अरब का यह कदम भारत की अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी साबित हो सकता है।

चुनौतियां अब भी बरकरार विशेषज्ञों का कहना है कि पाइपलाइन के जरिए तेल भेजने की एक सीमा होती है और यह ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ जितना सुगम नहीं है, फिर भी युद्ध के इस दौर में यह सप्लाई भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से ही आयात करता है, ऐसे में सऊदी अरब की यह पहल रणनीतिक और आर्थिक दोनों लिहाज से बड़ी जीत मानी जा रही है।

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