चंदन की लकड़ी, नोट, बटन और धान से बनी अनोखी गणेश प्रतिमाएं तैयार: रायपुर में यादव परिवार कर रहा अनोखी गणेश चतुर्थी की तैयारी

गणेश चतुर्थी का पर्व नजदीक है, ऐसे में गणेश भगवान की प्रतिमाओं के निर्माण का काम जोरो शोरो से किया जा रहा हैं। राजधानी रायपुर में भी गणेश प्रतिमाओं के निर्माण का कार्य चल रहा है। गणेश चतुर्थी में गणेश प्रतिमाओं को लेकर लोगों में उत्साह बने रहते हैं और राजधानी रायपुर में हर साल सुंदर-सुंदर गणेश प्रतिमाओं को विराजित किया जाता है। इस साल भी लोगों में गणेश प्रतिमाओं को लेकर उत्साह बना हुआ है। 

रायपुरा क्षेत्र में यादव परिवार द्वारा चंदन की लकड़ियों का प्रयोग कर गणेश प्रतिमा का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही परिवार के द्वारा 5 और अद्भुत गणेश प्रतिमा बनाई गई है, जिनमें नोटों से बने हुए गणेश, सुई धागा और बटन से बने हुए गणेश शामिल हैं। इसके साथ ही फ्रेंडशिप बैंड और धान से बने हुए छोटे गणेश लोगों का मन मोह सकते हैं। यादव परिवार पिछले 15 सालों से गणेश प्रतिमाओं का निर्माण कर रहा है और परिवार के मुखिया शिवचरण यादव पिछले 28 साल से गणेश प्रतिमा बना रहे हैं। उन्होंने पहली गणेश प्रतिमा मौली धागा से बनाई थी, जिसे कंप्यूटर के अंदर सजाया गया था और समय के दौर में लोगों द्वारा बहुत पसंद किया गया था।

आपको बता दे की यादव परिवार हर साल अद्भुत गणेश प्रतिमाएं बनता है, जिनमें मिट्टी और प्लास्टर ऑफ पेरिस का प्रयोग नहीं किया जाता है। हर साल अलग-अलग चीजों का प्रयोग करके गणेश प्रतिमा बनाई जाती है। इससे पहले भी यादव परिवार ने नटराज पेंसिल की गणेश प्रतिमा बनाई थी, जो राजधानी रायपुर में लोगों को बहुत पसंद आई थी। साथ ही चॉकलेट से बनी हुई गणेश प्रतिमा भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई थी। ऐसे में गणेश चतुर्थी का त्योहार सामने आते देख यादव परिवार द्वारा गणेश प्रतिमाओं का काम लगभग पूरा कर लिया गया है और चंदन से बनी गणेश प्रतिमा को रायपुर के रामसागर पारा में विराजमान करने की तैयारी जोरो – शोरो से चल रही हैं।

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