जोधपुर। साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत के मामले में पुलिस कमिश्नर ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति स्पष्ट कर दी है। पुलिस के अनुसार, साध्वी की मृत्यु कार्डियक अरेस्ट और सांस की बीमारी के कारण हुई, लेकिन इसमें एक कंपाउंडर की लापरवाही और गलत उपचार मुख्य वजह बनकर सामने आई है।
पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश ने बताया कि एसआईटी ने मामले के खुलासे के लिए 46 लोगों से पूछताछ की और दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले। मेडिकल बोर्ड की विस्तृत पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट से यह पुष्टि हुई कि साध्वी को अस्थमा की पुरानी शिकायत थी। घटना के दिन जब उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई, तो उनके पिता विरमनाथ ने कंपाउंडर देवी सिंह को बुलाया। कंपाउंडर ने बिना किसी डॉक्टरी परामर्श के साध्वी को दो इंजेक्शन लगा दिए, जिससे उनकी तबीयत और बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई साध्वी की आखिरी तस्वीर और न्याय की मांग वाले पोस्ट पर भी पुलिस ने स्पष्टीकरण दिया है। कमिश्नर ने बताया कि वह पोस्ट साध्वी के पिता के कहने पर की गई थी और इसके पीछे कोई साजिश नहीं पाई गई है। साध्वी द्वारा लिखे गए पत्र में अग्नि परीक्षा और संतों के आशीर्वाद का जिक्र उनकी व्यक्तिगत आध्यात्मिक भावनाओं से संबंधित था। फिलहाल पुलिस मेडिकल अधिनियम के तहत कंपाउंडर देवी सिंह के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर रही है।