जगदलपुर। बस्तर में हवाई सेवाओं के विस्तार की दशकों पुरानी मांग आज भी अधूरी बुनियादी सुविधाओं के कारण अटकी हुई है। जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर्यटन और विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण होने के बावजूद जर्जर रनवे और तकनीकी खामियों से जूझ रहा है। आलम यह है कि रनवे की खराब स्थिति के कारण यहां बड़े कमर्शियल विमानों की लैंडिंग अब तक संभव नहीं हो सकी है।
ऐतिहासिक रूप से द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान विकसित किए गए इस एयरपोर्ट के रनवे की रिकार्पेटिंग आजादी के बाद से अब तक पूरी तरह नहीं हो पाई है। वर्तमान में रनवे की स्थिति इतनी जर्जर है कि यहां केवल एटीआर जैसे छोटे क्षेत्रीय विमान ही सेवाएं दे पा रहे हैं। रनवे की मरम्मत और इसे बड़े विमानों के अनुकूल बनाने के लिए कुल 25 करोड़ रुपये की आवश्यकता बताई गई है। राज्य सरकार ने दो किश्तों में पूरी राशि आवंटित कर दी है, लेकिन लोक निर्माण विभाग की सुस्त टेंडर प्रक्रिया के कारण जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं हो सका है।
रनवे के साथ-साथ एयरपोर्ट की कम विजिबिलिटी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। खराब मौसम या शाम ढलते ही उड़ानों का परिचालन प्रभावित हो जाता है, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा होती है। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रनवे की रिकार्पेटिंग और विजिबिलिटी की समस्या दूर हो जाए, तो बस्तर में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा होगा, जिससे स्थानीय व्यापार को भी मजबूती मिलेगी।
इस मामले में जिला प्रशासन का कहना है कि बजट की उपलब्धता सुनिश्चित हो चुकी है और अब देरी की कोई गुंजाइश नहीं है। लोक निर्माण विभाग को जल्द से जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने भरोसा जताया है कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा ताकि बस्तर को नियमित और आधुनिक हवाई सेवाओं से जोड़ा जा सके।