नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने बांग्लादेश के हिंदुओं से एकजुट होने का आह्वान किया है। मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि हिंदू संगठित होकर अपने हितों की रक्षा के लिए वहां की राजनीतिक व्यवस्था का प्रभावी उपयोग कर सकते हैं।
शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद उपजी परिस्थितियों और भारत विरोधी भावनाओं के बीच भागवत ने कहा कि बांग्लादेश में अभी भी सवा करोड़ हिंदू मौजूद हैं। यदि वे एकजुट होते हैं, तो अपनी सुरक्षा और अधिकारों के लिए वहां के सिस्टम का इस्तेमाल कर पाएंगे। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि इस बार वहां के हिंदुओं ने पलायन करने के बजाय वहीं रहकर संघर्ष करने का निर्णय लिया है।
आरएसएस प्रमुख ने जोर देकर कहा कि इस संघर्ष में एकता सबसे अनिवार्य शर्त है और वे जितनी जल्दी संगठित होंगे, उतना ही उनके लिए बेहतर होगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी सीमाओं के भीतर रहते हुए बांग्लादेश के हिंदुओं की हर संभव सहायता करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि दुनिया भर में रहने वाले हिंदू भी अपनी-अपनी जगहों से उनके समर्थन में प्रयास करेंगे।