राशन दुकानों में चावल का संकट, दो महीने के कोटे पर संशय

राजनांदगांव। जिले की सरकारी राशन दुकानों में चावल की भारी किल्लत खड़ी हो गई है, जिसकी वजह से फरवरी और मार्च माह का राशन एक साथ बांटने की योजना अधर में लटकती दिख रही है। आमतौर पर हर महीने की 7 तारीख तक दुकानों में चावल पहुंच जाता था, लेकिन इस बार ‘नागरिक आपूर्ति निगम’ (नान) के गोदामों में ही स्टॉक खत्म होने की कगार पर है।

फीका रहा चावल उत्सव, अब 20 फरवरी को होगा राज्य शासन के निर्देशानुसार हर महीने की 7 तारीख को ‘चावल उत्सव’ मनाया जाता है, लेकिन स्टॉक की कमी के चलते इस बार यह आयोजन अपनी तय तारीख पर नहीं हो सका। प्रशासन ने आनन-फानन में इसकी तारीख बढ़ाकर अब 20 फरवरी कर दी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि तब तक अन्य जिलों से चावल की खेप पहुंच जाएगी।

मांग पौने दो लाख क्विंटल, स्टॉक सिर्फ 50 हजार जिले में हर महीने करीब 85 हजार क्विंटल चावल की खपत होती है। शासन ने इस बार फरवरी और मार्च का राशन एक साथ देने का फैसला किया है, जिसके लिए लगभग पौने दो लाख क्विंटल चावल की जरूरत है। इसके उलट, नान के गोदामों में फिलहाल सिर्फ 50 हजार क्विंटल चावल ही उपलब्ध है। ऐसे में आधे से ज्यादा हितग्राहियों को राशन मिलने पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

दूसरे जिलों से मंगाया जा रहा है चावल इस गंभीर समस्या पर खाद्य अधिकारी रविंद्र सोनी का कहना है कि चावल की कमी को दूर करने के लिए दूसरे जिलों से स्टॉक मंगाने की तैयारी की जा रही है। कोटा पूरा होते ही सभी राशन दुकानों में वितरण शुरू करा दिया जाएगा। हालांकि, अब तक जमीनी स्तर पर दुकानों तक चावल नहीं पहुंचने से कार्डधारियों की चिंता बढ़ गई है।

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