अयोध्या। रामनगरी अयोध्या अपने आराध्य प्रभु श्रीराम का तीसरा जन्मोत्सव मनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। चैत्र शुक्ल नवमी संवत् 2083 के अवसर पर शुक्रवार, 27 मार्च को राम जन्मभूमि परिसर में भव्य आयोजन किया जाएगा। इस उत्सव में सहभागी बनने के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालु अयोध्या पहुंच चुके हैं, जिससे संपूर्ण नगरी भक्तिमय वातावरण में डूबी हुई है।
जन्मोत्सव का मुख्य आकर्षण मध्याह्न 12 बजे रामलला का सूर्यतिलक होगा, जब सूर्य की रश्मियां लगभग चार से पांच मिनट तक प्रभु के ललाट का अभिषेक करेंगी। इस विशेष प्रक्रिया का सफल परीक्षण पूर्ण कर लिया गया है। श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए दर्शन की अवधि में तीन घंटे की वृद्धि की है। अब मंदिर सुबह 5:00 बजे खुलेगा और रात्रि 11:00 बजे तक भक्त दर्शन कर सकेंगे।
उत्सव की शुरुआत शुक्रवार प्रातः 9:00 बजे रामलला के पंचामृत महाअभिषेक के साथ होगी, जो सुबह 11:00 बजे तक चलेगा। इसके पश्चात प्रभु को पीत वस्त्र धारण कराकर भव्य श्रृंगार किया जाएगा। ट्रस्ट के अनुसार, सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक गर्भगृह पर आवरण रहेगा, लेकिन श्रद्धालु इस दौरान भी प्रभु के श्रृंगार का अवलोकन कर सकेंगे।
प्रशासन और ट्रस्ट द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। रामजन्मभूमि परिसर, रामपथ, भक्तिपथ और धर्मपथ पर धूप से बचाव के लिए कालीन और मैटिंग बिछाई गई है। पेयजल, चिकित्सा और स्वच्छता की पर्याप्त व्यवस्था के साथ-साथ सरयू घाट, कनक भवन और हनुमानगढ़ी जैसे प्रमुख स्थलों पर बैरिकेडिंग की गई है। सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के दृष्टिगत रामनगरी में चार पहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर डायवर्जन लागू किया गया है।