Holi Alcohol Record : रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में इस बार होली का खुमार लोगों के सिर चढ़कर बोला, लेकिन यह खुमार रंगों से ज्यादा बोतलों में नजर आया। आबकारी विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है। होली के आसपास के महज चार दिनों के भीतर रायपुर जिले के शराब प्रेमियों ने 58 करोड़ 10 लाख रुपये की शराब गटक ली। दिलचस्प बात यह है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार राजधानीवासियों ने 91 लाख रुपये की अधिक शराब पीकर नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है।
‘ड्राय डे’ का खौफ: होली से पहले ही भर लीं अलमारियां प्रशासन ने 4 मार्च (होली) को ‘ड्राय डे’ घोषित कर दुकानें बंद रखी थीं, लेकिन शराब प्रेमियों ने कोई जोखिम नहीं उठाया। आंकड़ों के मुताबिक, असली खेल होली से ठीक पहले शुरू हुआ। लोगों ने 1 मार्च से ही स्टॉक जमा करना शुरू कर दिया था। सबसे अधिक बिक्री होली से एक दिन पहले यानी 3 मार्च को हुई, जब एक ही दिन में 21 करोड़ 73 लाख रुपये की शराब बिकी। वहीं 2 मार्च को 15.94 करोड़ और 1 मार्च को 12.11 करोड़ रुपये का राजस्व सरकारी खजाने में पहुंचा।
बदल गया स्वाद: देसी पस्त, विदेशी ब्रांड्स की मांग 60% बढ़ी इस साल के आंकड़ों में एक बड़ा बदलाव ‘पसंद’ को लेकर दिखा है। रायपुर में अब ‘देसी’ के मुकाबले ‘विदेशी’ शराब का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। आबकारी विभाग के अनुसार, विदेशी स्प्रिट की बिक्री में पिछले साल की तुलना में 60 प्रतिशत तक का उछाल देखा गया है। वहीं, देसी शराब की मांग में उस अनुपात में गिरावट दर्ज की गई है। ऐसा लगता है कि अब शौकीनों की पहली पसंद प्रीमियम और विदेशी ब्रांड्स बनते जा रहे हैं।
अगले दिन भी जारी रहा ‘हैंगओवर’ होली बीतने के बाद भी शराब की दुकानों पर रौनक कम नहीं हुई। 5 मार्च को जब दुकानें खुलीं, तो खुमारी उतारने के नाम पर एक ही दिन में 8 करोड़ 31 लाख रुपये की शराब और बिक गई। कुल मिलाकर इन चार दिनों के भीतर शराब की बिक्री ने प्रदेश के राजस्व में भारी बढ़ोतरी की है, जो यह दर्शाता है कि त्यौहारों पर मदिरा का ‘अर्थशास्त्र’ कितनी तेजी से बदल रहा है।