राजधानी रायपुर के कचना क्षेत्र स्थित स्वास्तिक नगर में पेयजल संकट को लेकर बुधवार को नगर निगम मुख्यालय के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बसे परिवारों ने मटका फोड़कर अपना आक्रोश जताया।

प्रदर्शन का नेतृत्व निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने किया। इस दौरान उपायुक्त विनोद पांडेय को बोरिंग कार्य शीघ्र पूरा कराने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया।
टैंकर पर निर्भर कॉलोनी, स्थायी समाधान की मांग
जानकारी के मुताबिक, 20 जनवरी को स्थानीय निवासियों की नेता प्रतिपक्ष से मुलाकात के बाद पानी के टैंकरों की संख्या बढ़ाई गई थी। 3 फरवरी को आकाश तिवारी ने स्वास्तिक नगर का दौरा कर अधिकारियों को बोरिंग कराने के निर्देश दिए थे।
हालांकि, अब तक स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है और कॉलोनी में टैंकरों से ही पानी की आपूर्ति की जा रही है। मूलभूत सुविधाओं के अभाव से नाराज रहवासियों ने इसे निगम की अनदेखी बताया।
मूलभूत सुविधाओं की कमी का आरोप
निवासियों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें यहां बसाया तो गया, लेकिन पेयजल, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं।
पिछले एक वर्ष से अधिक समय से लोग अस्थायी टैंकर व्यवस्था पर निर्भर हैं, जबकि बोरिंग के जरिए स्थायी जल आपूर्ति की मांग लंबित है।
5 मार्च तक कार्य पूरा करने का आश्वासन
निगम आयुक्त के प्रतिनिधि के रूप में उपायुक्त विनोद पांडेय ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि 5 मार्च तक बोरिंग का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। तब तक टैंकरों की संख्या बढ़ाकर राहत दी जाएगी।
नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा तक बोरिंग नहीं हुई, तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
“महानगर के दावे, पर पानी भी नहीं”
आकाश तिवारी ने कहा कि रायपुर को महानगर बनाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन आम जनता को पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उन्होंने महापौर और निगम प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि क्या जिम्मेदार जनप्रतिनिधि पूरे शहर के लिए काम कर रहे हैं या सिर्फ चुनिंदा इलाकों के लिए।
फिलहाल, निगम प्रशासन ने 15 दिन के भीतर समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया है। अब निगाहें 5 मार्च की तय समयसीमा पर टिकी हैं।