रायपुर। राजधानी के सिविल लाइन्स स्थित न्यू सर्किट हाउस में सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा विकसित नवीन इलेक्ट्रानिक प्रोक्योरमेंट सिस्टम पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। चिप्स और एनआईसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देना है। आयोजन के पहले दिन लोक निर्माण, जल संसाधन और स्वास्थ्य सहित करीब 50 विभागों के नोडल अधिकारी शामिल हुए। इन अधिकारियों को एनआईसी नई दिल्ली से आए विशेषज्ञों के दल द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा है।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभात मलिक ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान ई-खरीद प्रणाली पिछले दस वर्षों से कार्यरत है। अब एनआईसी द्वारा विकसित नवीन जेपनिक प्रोक्योरमेंट सिस्टम को अपनाना डिजिटल सुशासन की दिशा में एक सशक्त शुरुआत होगी। उन्होंने अधिकारियों को इस नई प्रणाली के माध्यम से शासन को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए प्रेरित किया।
एनआईसी नई दिल्ली की उप-महासंचालक उषा सक्सेना ने अपने संबोधन में कहा कि निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता, दक्षता और सभी के लिए समान अवसर सबसे अनिवार्य तत्व हैं। जेपनिक सिस्टम इन सभी मानकों को पूरा करता है। उन्होंने जानकारी दी कि इस प्रणाली के माध्यम से वर्तमान में प्रतिदिन 5 से 6 हजार निविदाएं प्रबंधित की जा रही हैं। कार्यशाला के दौरान ई-खरीद से जुड़ी नीतियों और सॉफ्टवेयर के फीचर्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
छत्तीसगढ़ राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी टी. एन. सिंह ने स्वागत भाषण में कहा कि जेपनिक ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली एक व्यापक सिस्टम है, जिसे राज्य की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप कस्टमाइज किया गया है। यह सिस्टम सुरक्षा के उच्च मानकों और शासन की चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उल्लेखनीय है कि इस केंद्रीय प्रणाली से देश के 31 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश पहले से जुड़े हुए हैं। दो दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला में डिजिटल सिग्नेचर, ई-ऑक्शन और टेंडर प्रिपरेशन जैसे तकनीकी विषयों पर केस स्टडी के माध्यम से अधिकारियों की शंकाओं का समाधान किया जाएगा।