रायपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत जिन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनके लिए दावा और आपत्ति दर्ज कराने की समय-सीमा अब समाप्ति की ओर है। निर्वाचन विभाग के अनुसार, 22 जनवरी तक ही आपत्ति स्वीकार की जाएगी, इसके बाद किसी भी प्रकार का दावा मान्य नहीं होगा।
रायपुर जिले में लगभग 1.33 लाख मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने के लिए नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन अब तक महज 30 प्रतिशत लोगों ने ही आवश्यक कागजात प्रस्तुत किए हैं। मतदाता भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त 13 दस्तावेजों में से किसी के माध्यम से अपना दावा प्रस्तुत कर सकते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि जिन मतदाताओं ने गणना पत्र नहीं भरा था या जिनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया, वे नाम जुड़वाने के लिए फार्म-6 के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि नोटिस का जवाब देने की तुलना में अधिक लोग नया आवेदन करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। राज्यभर में अब तक 1 लाख 42 हजार 866 लोगों ने नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया है। वहीं 4,243 मतदाताओं ने नाम विलोपन और 42,202 लोगों ने नाम संशोधन के लिए आवेदन जमा किए हैं।
14 फरवरी तक होगी आपत्तियों की सुनवाई
रायपुर सहित पूरे राज्य में जिन मामलों में नोटिस का जवाब प्राप्त हो चुका है, उनकी सुनवाई 14 फरवरी तक की जाएगी। दावा-आपत्ति की अवधि समाप्त होने के बाद सुनवाई प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। सभी प्रक्रियाएं पूर्ण होने के पश्चात 21 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
यदि कोई मतदाता अपने विवरण में संशोधन कराना चाहता है तो वह घोषणापत्र के साथ फार्म-8 जमा कर सकता है। वहीं किसी नाम पर आपत्ति या नाम हटाने के लिए फार्म-7 का उपयोग किया जा सकता है।

राजनीतिक दलों ने उठाए सवाल
कांग्रेस, आम आदमी पार्टी सहित कई राजनीतिक दलों ने आरोप लगाया है कि रायपुर समेत अनेक जिलों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम गलत तरीके से यह कहकर हटाए गए हैं कि वे अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो गए हैं। दलों का आरोप है कि कई बीएलओ ने मतदाताओं की सही पहचान किए बिना ही नाम काट दिए। इसे लेकर विभिन्न जिलों में विरोध-प्रदर्शन और धरना भी दिया गया है।