रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वर्ष 2025 के अपराध नियंत्रण के आंकड़े जारी किए गए। पुलिस द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। वर्ष 2025 में कुल 15,885 एफआईआर दर्ज हुईं, जो वर्ष 2024 के 17,703 से कम हैं, जिससे अपराधों में गिरावट स्पष्ट होती है।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि हत्या के 90 मामले दर्ज हुए, जिनमें से 85 का खुलासा कर 167 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। हत्या के प्रयास के 97 मामलों में 213 आरोपी गिरफ्तार हुए। इससे औसतन हर चार दिन में एक हत्या की वारदात हुई, जो चिंता का विषय है।
डकैती के 7 मामलों में से 6 का खुलासा कर 43 आरोपी गिरफ्तार किए गए। लूट के 71 मामलों में 137 आरोपी पकड़े गए। चोरी के 1,442 मामले दर्ज हुए, जो 2024 के 1,497 से कम हैं। नकबजनी के 473 मामले सामने आए, जबकि 2024 में 526 थे। इससे संपत्ति संबंधी अपराधों में कमी दर्ज की गई।
नशे के खिलाफ अभियान में एनडीपीएस एक्ट के तहत 271 मामले दर्ज कर 445 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनसे करीब 2 करोड़ 78 लाख रुपये मूल्य के मादक पदार्थ, वाहन और अन्य सामग्री जब्त की गई। कई अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क ध्वस्त किए गए।
साइबर अपराध के क्षेत्र में एनसीआरपी पोर्टल पर प्राप्त 8,680 ऑनलाइन ठगी की शिकायतों पर कार्रवाई हुई। इनमें 11 करोड़ रुपये से अधिक की राशि होल्ड कराई गई तथा 90 लाख रुपये से ज्यादा पीड़ितों को वापस दिलाई गई। सोशल मीडिया पर हथियार प्रदर्शन और अवैध गतिविधियों से जुड़े 95 से अधिक पोस्ट हटवाए गए तथा फर्जी आईडी ब्लॉक की गईं।
सड़क सुरक्षा के मोर्चे पर दुर्घटनाओं की संख्या 2,079 से घटकर 2,063 हो गई, लेकिन मौतों की संख्या 594 से बढ़कर 618 पहुंच गई, जिसमें करीब 4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यातायात नियम उल्लंघन पर 1,44,050 चालानी कार्रवाइयां कर 14 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक जुर्माना वसूला गया। ड्रिंक-एंड-ड्राइव के 1,537 मामले दर्ज हुए तथा 653 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
आर्म्स एक्ट के 561 मामलों में 566 आरोपियों पर कार्रवाई की गई तथा भारी मात्रा में हथियार जब्त किए गए। सट्टे के 73 मामलों में 88 आरोपियों से 9.10 लाख रुपये जब्त हुए। आबकारी एक्ट के तहत 4,577 मामलों में 4,650 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि रायपुर पुलिस अपराधियों पर सख्ती और नागरिक सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। आने वाले समय में नशा, साइबर अपराध और सड़क दुर्घटनाओं के खिलाफ अभियान और तेज किए जाएंगे।