रायगढ़: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में रायगढ़ पुलिस द्वारा नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन आघात’ ने जिले में अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए हैं। पदभार ग्रहण करने के साथ ही एसएसपी ने अवैध शराब, जुआ-सट्टा और नशीले पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई थी। इसी का परिणाम है कि पिछले दो महीनों (26 जनवरी से 26 मार्च) के भीतर पुलिस ने करोड़ों रुपये के मादक पदार्थ जब्त कर सैकड़ों आरोपियों को जेल भेजा है।
अवैध शराब तस्करी पर कड़ा अंकुश अभियान के दौरान पुलिस ने अवैध शराब के कुल 357 मामले दर्ज किए हैं, जिनमें 367 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। पुलिस टीम ने दबिश देकर 2845 लीटर देसी, अंग्रेजी और महुआ शराब बरामद की है। इसमें से 149 आरोपियों को आबकारी एक्ट की गैर-जमानती धाराओं के तहत न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। विशेष रूप से ओडिशा सीमा से होने वाली महुआ शराब की तस्करी को रोकने के लिए प्रभावी घेराबंदी की गई, जिसके तहत 2612 लीटर महुआ शराब जब्त की गई।
गांजा और अफीम तस्करी के नेटवर्क को तोड़ा ओडिशा मार्ग से होने वाली गांजा तस्करी पर प्रहार करते हुए पुलिस ने पिछले दो माह में 16 प्रकरणों में 27 तस्करों को दबोचा है। इनके पास से 100 किलो से अधिक गांजा बरामद हुआ है, जिसकी कीमत करीब 25.50 लाख रुपये आंकी गई है। वहीं, अफीम की अवैध खेती के खिलाफ भी ऐतिहासिक कार्रवाई की गई। तमनार और लैलूंगा क्षेत्र में दबिश देकर 4 प्रकरणों में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यहां से लगभग 2963 किलो अवैध अफीम के पौधे जब्त किए गए, जिनका बाजार मूल्य करीब 4.18 करोड़ रुपये है।
कुल जब्ती और पुलिस की चेतावनी ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत अब तक कुल 394 आरोपियों पर वैधानिक कार्रवाई की जा चुकी है और लगभग 4.50 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ समाज के बीच पहुंचने से पहले ही जब्त कर लिए गए हैं। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल होने वाले 21 दोपहिया और 3 चार पहिया वाहनों को भी राजसात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी सख्ती से जारी रहेगा और किसी भी थाना क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को पनपने नहीं दिया जाएगा।