नई दिल्ली। देश 15 अगस्त, शुक्रवार को 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। राजधानी दिल्ली के लाल किले पर मुख्य समारोह होगा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परंपरा के अनुसार तिरंगा फहराएंगे और राष्ट्र को संबोधित करेंगे। यह उनका लगातार 12वां स्वतंत्रता दिवस भाषण होगा, जिससे वह लगातार भाषण देने के मामले में जवाहरलाल नेहरू के बाद दूसरे स्थान पर होंगे। हाल ही में उन्होंने लगातार कार्यकाल में इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ा है।
इस बार प्रधानमंत्री के संबोधन में राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर जोर रहने की संभावना है। पिछले साल 98 मिनट के भाषण में उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC), 75,000 नई मेडिकल सीटों की घोषणा, महिला सुरक्षा और स्वच्छता जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी थी।
85 गांवों के सरपंच होंगे विशेष अतिथि
समारोह में इस बार 26 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 85 गांवों के सरपंचों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, महिला सशक्तिकरण और सतत विकास में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। चयनित सभी पंचायतें ओडीएफ प्लस और हर घर जल घोषित की जा चुकी हैं।
इनमें बिहार की मोतिपुर ग्राम पंचायत की मुखिया प्रेमा देवी, राजस्थान की रारह ग्राम पंचायत की सरपंच कुसुम सिंह, गुजरात के सुल्तानपुर के सरपंच शशिकांत पटेल और महाराष्ट्र के निगवे डुमाला ग्राम पंचायत की सरपंच दीपाली चौगुले जैसी हस्तियां शामिल हैं।
अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था
लाल किले और आसपास के क्षेत्रों में 11,000 से अधिक सुरक्षा कर्मी और 3,000 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। ऊंची इमारतों पर स्नाइपर्स, छतों से निगरानी टीमें, एंटी-ड्रोन यूनिट, फेस रिकग्निशन सिस्टम, ANPR और पहली बार अंडर-व्हीकल सर्विलांस सिस्टम (UVSS) का इस्तेमाल किया जाएगा।
रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, हवाई अड्डे और मेट्रो स्टेशनों पर विशेष निगरानी के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है। साइबर यूनिट्स सोशल मीडिया पर भी चौकसी रख रही हैं ताकि किसी भी अफवाह या ऑनलाइन खतरे को तुरंत रोका जा सके।