ईरान-इजराइल युद्ध की तपिश से अब बुझेगी प्यास: पानी और कोल्ड ड्रिंक्स की बोतलों के दाम 50% तक बढ़ेमुंबई। भीषण गर्मी के बीच आम आदमी की जेब पर एक और बड़ा प्रहार होने जा रहा है। ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव ने न सिर्फ वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिलाया है,

बल्कि अब इसका सीधा असर आपकी पानी की बोतल और ठंडे पेय पदार्थों पर भी पड़ने लगा है। कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की किल्लत की वजह से प्लास्टिक (PET) और कांच की बोतलों की निर्माण लागत में 20 से 50 प्रतिशत तक का भारी उछाल आया है। आलम यह है
कि अकेले महाराष्ट्र में ही बोतल बनाने वाली लगभग 20 प्रतिशत फैक्ट्रियों पर ताले लटक गए हैं, जिससे आने वाले दिनों में बोतलबंद पानी की कीमतें 20 रुपये के पार जाने की पूरी संभावना है।
प्लास्टिक बोतलों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाला मुख्य कच्चा माल ‘PET रेजिन पेलेट्स’ सीधे तौर पर कच्चे तेल से जुड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के कारण बोतलों के कच्चे माल (प्रीफॉर्म) के दाम 115 रुपये प्रति किलो से छलांग लगाकर सीधे 180 रुपये पर पहुंच गए हैं।
दूसरी ओर, कांच उद्योग भी प्राकृतिक गैस की सप्लाई में हुई 20 प्रतिशत की कटौती से जूझ रहा है। गैस की कमी और बढ़ती लागत के कारण कांच की बोतलें भी 20 प्रतिशत तक महंगी हो गई हैं। इसका सीधा असर सॉफ्ट ड्रिंक्स और बीयर उद्योग पर पड़ रहा है, जहां कंपनियों ने सरकारों से कीमतों में 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने की गुहार लगाई है। ऐसे में बढ़ते पारे के बीच गला तर करना अब आम जनता के लिए काफी महंगा सौदा साबित होने वाला है।