कीमत में अंतर और मांग ने बढ़ा दी खंडा दालों की हिस्सेदारी

अरहर दाल रिकॉर्ड 130 से 135 रुपए किलो

राजकुमार मल

भाटापारा- सांसत में आने लगीं हैं दलहन मिलें क्योंकि बाजार में खंडा दाल की हिस्सेदारी और उपभोक्ता मांग तेजी से बढ़ रही है। अकेले अरहर दाल ही नहीं चना, मूंग, उड़द, तिवरा के साथ बटरी दाल के खंडा में भी ऐसी ही स्थिति बन रही है।

अरहर दाल 130 से 135 रुपए किलो जबकि खंडा दाल 50 से 60 रुपए किलो। कमोबेश दलहन की सभी किस्मों के खंडा दाल में भी कीमत इसके आसपास ही है। टूट के आसार इसमें इसलिए बन रहे हैं क्योंकि हरी सब्जियां अब सस्ती होने लगी हैं। इसके बावजूद उपभोक्ता मांग का दबाव लगातार बना हुआ है।


बराबरी के करीब

खंडा चावल की तरह खंडा दाल भी अब हिस्सेदारी बढ़ा रहा है उपभोक्ता मांग में। क्रय शक्ति के भीतर कीमत का होना बढ़ती मांग की प्रमुख वजह बन चुकी है। दलहन बाजार सूत्रों के मुताबिक खंडा दाल की खरीदी में आ रहा यह नया बदलाव दीर्घकाल तक बने रहने की संभावना क्योंकि दलहन में तेजी के दौर में भी खंडा दाल की प्रति किलो कीमत क्रय शक्ति के भीतर ही रहती है।


संकट में दलहन मिलें

दाल की तुलना में खंडा दाल की बढ़ती मांग के बाद अब दलहन उत्पादन करने वाली ईकाइयों के सामने आपूर्ति को लेकर नया संकट इसलिए आ खड़ा हुआ है क्योंकि नई तकनीक वाली शाॅर्टैक्स मशीनों से खंडा की मात्रा बेहद कम निकलती है। कीमत बढ़ाकर मांग को नियंत्रित इसलिए नहीं किया जा सकता क्योंकि खंडा बाजार में भी अब प्रतिस्पर्धी तैयार हो चले हैं। इसके अलावा खंडा दाल में टूट की आशंका भी बन रहीं हैं क्योंकि हरी सब्जियां अब सस्ती होने लगीं हैं।


ऐसे हैं भाव खंडा में

अरहर दाल 130 से 135 रुपए किलो जबकि खंडा दाल में प्रति किलो कीमत 50 से 60 रुपए किलो बोली जा रही है। चना दाल भले ही 68 से 72 रुपए किलो पर मजबूत है लेकिन खंडा दाल को 45 से 50 रुपए किलो जैसी कीमत ने मांग को बनाए रखा हैं। मूंग दाल का खंडा 50 से 70 रुपए किलो और उड़द दाल का खंडा 70 से 80 रुपए किलो पर मिल जा रहा है। कम ही रहती है मांग तिवरा खंडा में लेकिन 45 से 48 रुपए किलो जैसी कीमत पूछताछ में बनाए हुए हैं।

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