महंगाई भत्ता एरियर्स को लेकर कर्मचारी फेडरेशन का दबाव, मुख्य सचिव को लिखा पत्र

रायपुर। छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन ने जुलाई 2019 से लंबित महंगाई भत्ता (डीए) एरियर्स के भुगतान की मांग तेज कर दी है। इस संबंध में फेडरेशन ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर शासन से शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया है। फेडरेशन का कहना है कि जिस तरह पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने कर्मचारियों को लंबित डीए एरियर्स का भुगतान किया, उसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ के शासकीय सेवकों को भी उनका हक दिया जाना चाहिए।

फेडरेशन द्वारा भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक महंगाई भत्ता देय तिथि से नहीं दिया जा रहा था। लगातार प्रयासों के बाद भी समाधान नहीं निकलने पर कर्मचारी संगठनों ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इस मामले में माननीय सुप्रीम कोर्ट ने महंगाई भत्ता को कर्मचारियों का मौलिक अधिकार मानते हुए वर्ष 2009 से 2019 तक का एरियर्स भुगतान करने का स्पष्ट आदेश दिया, जो देशभर के शासकीय सेवकों के लिए एक अहम नजीर माना जा रहा है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि छत्तीसगढ़ के शासकीय सेवकों को भी जुलाई 2019 से महंगाई भत्ता एरियर्स का भुगतान नहीं किया गया है। इस मुद्दे पर फेडरेशन ने शासन के साथ लगातार पत्राचार किया और लोकतांत्रिक तरीके से कई आंदोलन भी किए, लेकिन अब तक कोई ठोस और न्यायसंगत फैसला नहीं लिया गया, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी और निराशा बढ़ती जा रही है।

फेडरेशन ने बताया कि 6 फरवरी 2026 को आयोजित बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को ध्यान में रखते हुए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि छत्तीसगढ़ शासन से एक बार फिर मांग की जाए कि पश्चिम बंगाल की तरह यहां भी जुलाई 2019 से लंबित डीए एरियर्स का भुगतान तत्काल किया जाए।

132 से अधिक मान्यता प्राप्त और गैर-मान्यता प्राप्त संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाली छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने शासन से संवैधानिक प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के आदेश की भावना के अनुरूप शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्यायोचित फैसला नहीं हुआ, तो फेडरेशन को भी न्यायालय की शरण लेनी पड़ सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *