बैकुण्ठपुर। भारतीय जनता पार्टी जिला कोरिया द्वारा ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय विजन के अंतर्गत जीरामजी (G-RAM-G) बिल के संबंध में विश्राम गृह बैकुण्ठपुर में एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया।
गरीबों की गरिमा और राम राज्य की स्थापना का संकल्प
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हरपाल सिंह भामरा ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य हर गरीब को रोजगार देना और उसकी गरिमा का सम्मान करना है। उन्होंने कहा, “यह कानून गरीब, जनजाति और पिछड़ों को सशक्त बनाने के लिए बनाया गया है। ‘विकसित भारत 2047’ के अनुरूप ग्रामीण विकास का यह नया ढांचा महात्मा गांधी जी की भावनाओं के अनुरूप है और राम राज्य की स्थापना की दिशा में एक बड़ा कदम है।”

रोजगार की गारंटी और त्वरित भुगतान
श्री भामरा ने योजना की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया:
125 दिन के रोजगार की गारंटी: हर ग्रामीण परिवार को अब साल में 125 दिन का रोजगार मिलेगा।
ST कामगारों को विशेष लाभ: वन क्षेत्रों में काम करने वाले अनुसूचित जनजाति के कामगारों को 25 दिन का अतिरिक्त रोजगार दिया जाएगा।
हफ्तावारी भुगतान: मनरेगा में जहां 15 दिनों में भुगतान होता था, वहीं नए बिल में हर हफ्ते पेमेंट का प्रावधान है।
कृषि कार्यों का ध्यान: किसानों की बुआई और कटाई के समय मजदूरों की कमी न हो, इसके लिए सीजन के दौरान 60 दिन काम बंद रखने का प्रावधान किया गया है।
मोदी सरकार का मनरेगा पर रिकॉर्ड खर्च
उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि मनरेगा पर अब तक कुल 11.74 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, जिसमें से अकेले मोदी सरकार ने 8.53 लाख करोड़ रुपये खर्च कर ग्रामीण विकास को गति दी है।
नए कानून की 4 मुख्य प्राथमिकताएं:
जल संबंधी कार्य: जल सुरक्षा से खेती को बढ़ावा देना।
ग्रामीण बुनियादी ढांचा: सड़कें और कनेक्टिविटी सुधारना ताकि बाजार तक पहुंच आसान हो।
आजीविका ढांचा: भंडारण और संपत्तियों के जरिए ग्रामीण आय में वृद्धि।
जलवायु अनुकूल कार्य: खराब मौसम के प्रभाव को कम कर गांवों को सशक्त बनाना।
उपस्थिति: इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष देवेन्द्र तिवारी, पूर्व नपाध्यक्ष शैलेष शिवहरे, जिला उपाध्यक्ष बसंत राय, अनिल साहू, रविशंकर राजवाड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा, जिला महामंत्री पंकज गुप्ता, कपिल जायसवाल सहित महिला मोर्चा, भाजयुमो और आईटी सेल के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।