छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर सियासत तेज, महंत और साव आमने सामने…

रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। एक ओर कांग्रेस ने खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग उठाई है, तो वहीं सरकार ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए किसानों को भरोसा दिलाया है।

नेताप्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने धान खरीदी की अवधि एक माह बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “मोदी की गारंटी फेल हो चुकी है”। डॉ. महंत ने दावा किया कि कोरबा और बागबाहरा जैसे इलाकों में किसान आत्महत्या कर रहे हैं, जो सरकार की नीतियों की विफलता को दर्शाता है। उनका कहना है कि अगर खरीदी की तारीख नहीं बढ़ाई गई, तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

वहीं, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस के आरोपों को भ्रम फैलाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी धान खरीदी शुरू होने से पहले ही तरह-तरह की बातें कर किसानों को गुमराह कर रही है। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों की नियमित रूप से धान खरीदी हो रही है और मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि किसान धैर्य रखें।

अरुण साव ने भरोसा दिलाया कि पात्र किसानों का एक-एक दाना धान खरीदा जाएगा। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने कार्यकाल में किसानों को ठगने का काम किया है, इसलिए उसे इस तरह के आरोप लगाने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जब धान खरीदी पूरी हो जाएगी, तब स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी और इस साल धान की फसल भी अच्छी है।

कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। जहां कांग्रेस सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है, वहीं सरकार किसानों को आश्वस्त कर रही है कि धान खरीदी में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।

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