रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्रियों की निजी स्थापना में हो रहे लगातार प्रशासनिक बदलाव अब सियासी बहस का मुद्दा बन गए हैं। हाल ही में उपमुख्यमंत्री अरुण साव और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा की निजी टीम में बड़े फेरबदल किए गए, जिसके बाद कांग्रेस ने सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।

सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार उपमुख्यमंत्री अरुण साव के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) विपुल कुमार गुप्ता को पद से हटा दिया गया है। उन्हें उनके मूल विभाग/कार्यालय में वापस भेजा गया है। वहीं राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा की निजी स्थापना में कार्यरत निज सहायक दुर्गेश धारे को भी हटा दिया गया है। उनकी संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी मंत्री केदार कश्यप, लक्ष्मी राजवाड़े और दयालदास बघेल के OSD को उनके पदों से हटाया जा चुका है। बीते दो वर्षों में चार से अधिक मंत्रियों के OSD बदले जा चुके हैं, जिस पर अब विपक्ष ने सवाल खड़े कर रहा हैं।


कांग्रेस के आरोप
मामले को लेकर कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि निज सचिव और OSD की नियुक्ति आमतौर पर मंत्रियों की पसंद से होती है, ऐसे में उन्हें बार-बार हटाया जाना चिंताजनक और हास्यास्पद स्थिति को दर्शाता है।
शुक्ला ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के पैसों के बंटवारे को लेकर यह स्थिति बनी है। मंत्रियों के OSD और निज सचिवों ने कथित तौर पर भ्रष्टाचार करने के लिए ‘काउंटर’ खोल रखे थे और पैसों के बंटवारे को लेकर ही अब उनके खिलाफ कार्रवाई हो रही है।
सरकार का पलटवार
वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि प्रशासनिक परिवर्तन समय-समय पर होते रहते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन्होंने खुद भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़े हों और योजनाबद्ध तरीके से भ्रष्टाचार किया हो, उन्हें हर जगह भ्रष्टाचार ही दिखाई देता है।
कुल मिलाकर मंत्रियों के OSD और निज सचिवों में हो रहे बदलाव अब केवल प्रशासनिक निर्णय न रहकर सियासी रंग ले चुके हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।