रमेश गुप्ता भिलाई।
भारतीय जनता पार्टी के प्रभारी एवं डोंगरगढ़ के पूर्व विधायक रामजी भारती तथा भिलाई नगर निगम में भाजपा पार्षदों द्वारा लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर नगर निगम की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस पार्षदों और महापौर परिषद के सदस्यों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि जिन कार्यों में भ्रष्टाचार की बात कही जा रही है, वे सभी नगर निगम भिलाई के परियोजना विभाग के अंतर्गत संपादित किए गए हैं।
कांग्रेस पार्षदों का कहना है कि परियोजना विभाग का गठन स्वयं नगर निगम आयुक्त द्वारा किया गया है। विभाग के अंतर्गत उप-अभियंता, सहायक अभियंता, कार्यपालन अभियंता एवं आयुक्त के हस्ताक्षर से ही सभी कार्यों की स्वीकृति और भुगतान की प्रक्रिया पूरी होती है। ऐसे में बिना तथ्यों के कांग्रेस पर आरोप लगाना अनुचित है।
उन्होंने बताया कि पूर्व में पेवर ब्लॉक से संबंधित मामला जब नगर निगम की सामान्य सभा में प्रस्तुत हुआ था, तब सभापति के निर्देश पर महापौर, महापौर परिषद तथा भाजपा और कांग्रेस के सभी पार्षदों की सर्वसम्मति से जांच कराए जाने का निर्णय लिया गया था। इसके बावजूद आज उसी विषय को राजनीतिक रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।
कांग्रेस पार्षदों ने स्पष्ट किया कि वे 16 तारीख के बाद नगरीय निकाय मंत्री से मुलाकात कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि केवल पेवर ब्लॉक ही नहीं, बल्कि परियोजना विभाग से जुड़े अन्य सभी कार्यों की भी आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो (EOW) जैसी गंभीर और स्वतंत्र संस्था से जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी चेतावनी दी कि यदि जांच के संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे इसे भाजपा नेताओं के दबाव में की गई प्रशासनिक चुप्पी मानेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर भिलाई नगर निगम में आयुक्त की नियुक्ति कर भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया जा रहा है और बाद में उसका दोष कांग्रेस पर मढ़ने का प्रयास किया जा रहा है।
इस पूरे प्रकरण को लेकर महापौर, महापौर परिषद के सदस्य एवं कांग्रेस के सभी पार्षद जल्द ही नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री से मुलाकात कर परियोजना विभाग के कार्यों की सूची सौंपते हुए भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच की मांग करेंगे। कांग्रेस नेताओं ने दो टूक कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह किसी भी पद या दल से जुड़ा हो। आयोजित इस संयुक्त पत्रकार वार्ता में एमआईसी मेंबर सीजू एंथोनी, लक्ष्मीपति राजू,आदित्य सिंह,एकांत बंछोर, नेहा साहू, केशव चौबे, संदीप निरंकारी, साकेत चंद्राकर,राजेश चौधरी सहित कांग्रेस के अन्य पार्षद मौजूद थे l