रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत 1.72 लाख करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। संकल्प थीम पर आधारित इस बजट को विपक्ष ने आंकड़ों का जाल बताते हुए सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इस बजट को प्रदेश के हित में न बताते हुए इसे भ्रष्टाचार की नई नींव करार दिया है।
बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. महंत ने कहा कि सरकार जिस बजट को राज्य की उन्नति का आधार मान रही है, वह वास्तव में दुर्गति का बजट है। उन्होंने आरोप लगाया कि नई योजनाओं के नाम पर केवल भ्रष्टाचार के रास्ते खोले गए हैं। डॉ. महंत के अनुसार, यह बजट न तो युवाओं की उम्मीदों पर खरा उतरा है और न ही इसमें महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए कोई ठोस उपाय किए गए हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने युवाओं के मुद्दे पर तंज कसते हुए कहा कि सरकारी नौकरियों की बाट जोह रहे युवाओं के हाथ केवल निराशा लगी है। उन्होंने हड़ताली कर्मचारियों का पक्ष लेते हुए कहा कि जो कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, उन्हें इस बजट से कोई राहत नहीं मिली है। उन्होंने पूरे बजट को शब्दों का मायाजाल बताते हुए कहा कि यह राज्य के बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने की एक कोशिश मात्र है।