छत्तीसगढ़ में सरगुजा ओलंपिक को लेकर सियासत तेज हो गई है। बस्तर ओलंपिक के बाद अब सरगुजा में आयोजित हो रहे इस खेल आयोजन पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

कांग्रेस ने उठाए सवाल
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आयोजन को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को यह गारंटी देनी चाहिए कि सरगुजा ओलंपिक में बस्तर ओलंपिक जैसी कोई गड़बड़ी या घोटाला नहीं होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि मार्च-अप्रैल की गर्मी में इस तरह का आयोजन करना युवाओं के लिए परेशानी भरा है। साथ ही, इस समय परीक्षाएं चल रही हैं, ऐसे में खिलाड़ियों की भागीदारी भी प्रभावित हो सकती है।
सीएम साय का पलटवार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विपक्ष के आरोपों पर कड़ा जवाब देते हुए कहा कि जो लोग पांच साल तक प्रदेश में रहे, उन्हें इस तरह की नसीहत देने का कोई अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरगुजा ओलंपिक में ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभावान खिलाड़ियों को अवसर देने का प्रयास किया गया है और यह आयोजन युवाओं के लिए एक सकारात्मक मंच साबित होगा।
तीन दिवसीय आयोजन की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरगुजा ओलंपिक का शुभारंभ हो चुका है और यह तीन दिवसीय संभाग स्तरीय आयोजन है। इसके साथ ही अंबिकापुर में कृषक सम्मेलन और कुदरगढ़ महोत्सव जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी अपेक्षित है।
फिलहाल, सरगुजा ओलंपिक खेल से ज्यादा राजनीतिक बयानबाजी को लेकर चर्चा में है, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने दावों के साथ आमने-सामने हैं।