छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर सामने आई अनियमितताओं ने सियासत को गरमा दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने जगदलपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए धान घोटाले को नान घोटाले से भी बड़ा करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला सिर्फ आर्थिक घोटाले तक सीमित नहीं है, बल्कि सीधे किसानों की मेहनत, भरोसे और अधिकारों पर हमला है।

दीपक बैज ने राज्य सरकार से धान का भौतिक सत्यापन कराने की मांग करते हुए सवाल उठाया कि यदि सरकार निष्पक्ष है तो क्या वह इस पूरे मामले की जांच CBI और ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों से कराने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
सड़ा हुआ धान मीडिया के सामने रखा
पत्रकार वार्ता से पहले PCC चीफ ने बस्तर जिले के कई धान संग्रहण केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने मीडिया के सामने सड़ा हुआ धान प्रस्तुत करते हुए बताया कि नियानार, बिरंगपाल और सिवनी जैसे केंद्रों में 3.5 लाख क्विंटल से अधिक धान खराब हो चुका है। बैज ने इसे सरकारी निगरानी व्यवस्था की खुली विफलता बताया।
समय पर उठाव और भंडारण होता तो नहीं होता नुकसान
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि धान के खराब होने के नाम पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गई हैं। यदि समय रहते धान का उठाव, सही भंडारण और समुचित देखरेख की जाती, तो किसानों की उपज इस तरह बर्बाद नहीं होती। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समस्या केवल बस्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में धान खरीदी व्यवस्था सवालों के घेरे में है।
किसानों के हितों से खिलवाड़ का आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि धान घोटाला सीधे तौर पर किसानों के हितों पर चोट है। सरकार की लापरवाही के कारण न सिर्फ किसानों को नुकसान हुआ है, बल्कि सार्वजनिक धन की भी बर्बादी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो कांग्रेस सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर उठे इन सवालों के बाद अब सबकी नजरें राज्य सरकार के अगले कदम और जांच की दिशा पर टिकी हैं।