उजियारा अभियान में नशे के सौदागरों पर पुलिस का ताबड़तोड़ वार

जनवरी में कांकेर बना अवैध शराब और गांजा कारोबारियों का कब्रिस्तान

कांकेर।उत्तर बस्तर कांकेर जिले में वर्षों से जड़ें जमाए बैठे नशे के सौदागरों पर पुलिस ने जनवरी माह में ऐसा शिकंजा कसा कि अवैध शराब और गांजा कारोबार से जुड़े नेटवर्क हिल गए। जिले में चलाए जा रहे “उजियारा अभियान” के तहत कांकेर पुलिस ने नशे के कारोबार पर करारा प्रहार करते हुए दर्जनों आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया और भारी मात्रा में मादक पदार्थ जप्त किया।
नशे के कारण बढ़ती आपराधिक घटनाओं, युवाओं के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ और गांव-कस्बों में फैल रही अव्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने पूरे जिले में सघन कार्रवाई चलाई। लगातार छापेमारी, धरपकड़ और जप्ती की कार्रवाई से नशे के कारोबारियों में हड़कंप मच गया।

अवैध शराब माफिया पर सीधा हमला

अभियान के दौरान अवैध शराब के विरुद्ध 62 प्रकरण दर्ज कर 67 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 610.070 लीटर अवैध शराब जप्त की गई। यह शराब गांवों और शहरी इलाकों में खपाने की तैयारी में थी। पुलिस की इस कार्रवाई से साफ हो गया है कि जिले में शराब माफियाओं को अब किसी भी तरह की छूट नहीं मिलने वाली।

गांजा तस्करों की कमर तोड़ी

इसी तरह गांजा तस्करी के खिलाफ भी पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। 05 प्रकरणों में 05 आरोपियों की गिरफ्तारी कर उनके पास से 5.128 किलोग्राम गांजा जप्त किया गया। गांजा युवाओं तक पहुंचाने की साजिश रच रहे तस्करों की इस धरपकड़ से नशे के नेटवर्क को गहरा झटका लगा है।

नशा बेचने वालों के लिए कांकेर नहीं सुरक्षित

पुलिस का कहना है कि उजियारा अभियान का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि नशे के पूरे तंत्र को तोड़ना है। नशे के कारोबार से जुड़े लोगों को यह साफ संदेश दे दिया गया है कि कांकेर जिला अब उनके लिए सुरक्षित नहीं है।

सूचना देने वालों को संरक्षण

कांकेर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि नशे से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत अपराध हेल्पलाइन नंबर 94791-55125 या नजदीकी थाना में दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा तथा नशे के कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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