प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच (ज्वाइंट इकोनॉमिक फोरम) को संबोधित करते हुए कहा कि जापान की तकनीक और भारत के टैलेंट से विकास की नई तस्वीर उभरेगी। उन्होंने बताया कि भारत की विकास यात्रा में जापान हमेशा अहम साझेदार रहा है।
पीएम मोदी ने कहा, “मेट्रो से लेकर मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर से लेकर स्टार्टअप तक—हर क्षेत्र में हमारी साझेदारी आपसी विश्वास का प्रतीक है। जापानी कंपनियों ने भारत में अब तक 40 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है, जबकि पिछले दो वर्षों में ही 13 बिलियन डॉलर का निजी निवेश हुआ है। 80 प्रतिशत जापानी कंपनियां भारत में आना चाहती हैं और 75 प्रतिशत मुनाफे में हैं।”
उन्होंने जोर दिया कि भारत आज राजनीतिक और आर्थिक रूप से स्थिर है और यह विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। बहुत जल्द भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा, और वर्तमान में वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत का योगदान 18 प्रतिशत है।
पीएम मोदी ने कहा, “ऑटो सेक्टर में हमारी साझेदारी सफल रही है। अब हम बैटरी, सेमीकंडक्टर, शिप बिल्डिंग और न्यूक्लियर एनर्जी में भी यही सफलता दोहरा सकते हैं। जापान टेक्नोलॉजी का पावरहाउस है और भारत टैलेंट का पावरहाउस—मिलकर हम दुनिया बदल सकते हैं।”