नई दिल्ली: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ (PMAY) वर्ष 2026 तक देश के हर पात्र परिवार को छत मुहैया कराने के लक्ष्य के साथ तेजी से आगे बढ़ रही है। यह योजना न केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है, बल्कि मध्यम आय वर्ग के परिवारों के लिए भी घर खरीदना आसान बना रही है। सरकार द्वारा दी जाने वाली ब्याज सब्सिडी के चलते होम लोन की EMI का बोझ काफी कम हो गया है, जिससे निम्न और मध्यम आय वाले परिवारों का अपने घर का सपना सच हो रहा है।
सब्सिडी का गणित: किसको कितना मिलेगा लाभ?
पीएम आवास योजना के तहत लोन पर मिलने वाली सब्सिडी को आय वर्गों के आधार पर विभाजित किया गया है। क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) के तहत लाभार्थी 20 साल तक की अवधि के लिए इस छूट का लाभ उठा सकते हैं:
EWS और LIG वर्ग: आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के परिवारों को 6 लाख रुपये तक के लोन पर 6.5% की अधिकतम सब्सिडी दी जाती है।
MIG-I वर्ग: मध्यम आय वर्ग-1 (9 लाख तक की लोन राशि) के लिए 4% की ब्याज सब्सिडी का प्रावधान है।
MIG-II वर्ग: मध्यम आय वर्ग-2 के परिवारों को 12 लाख रुपये तक के कर्ज पर 3% तक की छूट मिल सकती है।
इसके अतिरिक्त, शहरी क्षेत्रों में घर के निर्माण या विस्तार के लिए सरकार की ओर से 1.5 लाख रुपये तक की सीधी आर्थिक सहायता (अनुदान) भी दी जा रही है।
आवेदन की प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
अगर आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो इसकी आवेदन प्रक्रिया काफी सरल और डिजिटल है:
आधिकारिक पोर्टल: सबसे पहले PMAY की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लॉग-इन करें।
सिटिजन असेसमेंट: होमपेज पर मौजूद ‘Citizen Assessment’ विकल्प पर क्लिक करें और अपना आधार नंबर दर्ज करें।
विवरण दर्ज करें: आवेदन फॉर्म में अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर और वार्षिक आय की सटीक जानकारी भरें।
बैंक जानकारी: सब्सिडी का लाभ सीधा प्राप्त करने के लिए अपने सक्रिय बैंक खाते का विवरण और लोन की आवश्यकता से जुड़ी जानकारी साझा करें।
सबमिशन: सभी दस्तावेजों और जानकारी की जांच करने के बाद फॉर्म को सबमिट करें। आप ‘Beneficiary Search’ के माध्यम से अपने आवेदन की स्थिति भी ट्रैक कर सकते हैं।
विशेष नोट: योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड और आय प्रमाण पत्र अनिवार्य दस्तावेज हैं। आवेदन करते समय सुनिश्चित करें कि आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक हो।