चाइनीज मांझे की चपेट में आकर फिजियोथेरेपिस्ट डॉक्टर की दर्दनाक मौत, जांच जारी

जौनपुर, 15 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे (कांच लेपित सिंथेटिक डोर) ने एक बार फिर जान ले ली। लाइन बाजार थाना क्षेत्र के पचहटिया गांव के निकट प्रसाद इंटरनेशनल स्कूल के सामने बुधवार को बाइक सवार एक फिजियोथेरेपिस्ट डॉक्टर की गर्दन कटने से मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे से जिले में सनसनी फैल गई है।

मृतक की पहचान केराकत कोतवाली क्षेत्र निवासी डॉ. मोहम्मद शमीर (उर्फ डॉ. समीर हासिमी) के रूप में हुई है, जो फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ थे तथा निजी प्रैक्टिस करते थे। पुलिस के अनुसार, डॉ. शमीर बुधवार सुबह मोटरसाइकिल से जौनपुर मुख्यालय किसी अन्य डॉक्टर से मिलने गए थे। वापस लौटते समय प्रसाद इंटरनेशनल स्कूल के समीप सड़क पर लटके चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए, जिससे उनकी गर्दन गंभीर रूप से कट गई। प्रत्यक्षदर्शी प्रदीप कुमार मौर्या ने बताया कि वे अपने बच्चे की फीस जमा कर स्कूल से निकले ही थे कि अचानक बाइक सवार सड़क पर गिर पड़ा। पास जाकर देखा तो गर्दन बुरी तरह कटी हुई थी और खून बह रहा था।

मौके पर मौजूद ट्रैफिक इंस्पेक्टर सुशील मिश्र ने तत्काल एंबुलेंस बुलवाई और घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पुलिस चाइनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने के लिए लगातार प्रयासरत है। हालांकि, ऑनलाइन मार्केटिंग और छिपे तरीके से बिक्री के कारण यह चुनौती बनी हुई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस प्रतिबंधित मांझे के उपयोग से बचें तथा किसी भी विक्रेता या उपयोगकर्ता की जानकारी पुलिस को दें।

घटना के बाद शहर में चाइनीज मांझे के खिलाफ भारी आक्रोश है तथा लोग सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है तथा दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि मकर संक्रांति के अवसर पर ऐसे हादसे बढ़ जाते हैं तथा देशभर में चाइनीज मांझे के कारण कई मौतें और घायल होने की घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं।

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