बिलासपुर (7 मार्च 2026): छत्तीसगढ़ के एकमात्र शासकीय मानसिक चिकित्सालय (सेंदरी) से एक विचलित करने वाली घटना सामने आई है। अस्पताल में भर्ती एक 35 वर्षीय मनोरोगी मरीज ने बाथरूम में फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है।
क्या है पूरा मामला?
मृतक की पहचान लखन लाल साव (35 वर्ष), निवासी ग्राम बरना, जिला महासमुंद के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक:
भर्ती: लखन को बुधवार को ही इलाज के लिए सेंदरी स्थित मानसिक चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था।
विवाद और घटना: गुरुवार सुबह मोबाइल फोन को लेकर लखन का अपनी पत्नी के साथ विवाद हुआ। जब पत्नी फोन पर व्यस्त थी, तभी लखन बाथरूम में गया और रोशनदान में अपने गमछे का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली।
इतिहास: पुलिस जांच में सामने आया है कि मरीज पहले भी दो-तीन बार आत्महत्या का प्रयास (Suicide Attempt) कर चुका था।
प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप
इस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तीखे सवाल खड़े हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के महामंत्री मुन्ना लाल निर्मलकर ने प्रबंधन पर सीधा निशाना साधते हुए कहा:
“प्रदेश के एकमात्र सरकारी मानसिक अस्पताल के संचालन पर हर साल लाखों रुपए खर्च होते हैं, फिर भी मरीजों की सुरक्षा राम भरोसे है। मनोरोगियों के लिए विशेष निगरानी की जरूरत होती है, लेकिन यहाँ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।”
पुलिस की कार्रवाई
कोनी थाना प्रभारी भावेश शेंडे ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची। मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि संवेदनशील वार्डों में मरीजों की निगरानी के लिए तैनात स्टाफ उस वक्त कहाँ था।
मुख्य बिंदु:
स्थान: सेंदरी मानसिक चिकित्सालय, बिलासपुर।
मृतक: लखन लाल साव (महासमुंद)।
आरोप: सुरक्षा में चूक और निगरानी का अभाव।