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Papaya in ayurveda : आयुर्वेद में पपीते को एक औषधि के रूप में किया जाता है इस्तेमाल

Chhattisgarh NewsPapaya in ayurveda : आयुर्वेद में पपीते को एक औषधि के रूप में किया जाता है इस्तेमाल

Papaya in ayurveda : आयुर्वेद में पपीते को एक औषधि के रूप में किया जाता है इस्तेमाल

Papaya in ayurveda :  पीलिया व पेट संबंधी विकारों में गुणकारी है कच्चे पपीते का सेवन

Papaya in ayurveda :  रायपुर। पपीते को सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। पपीते को आयुर्वेद में एक औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। सिर्फ पपीते को ही नहीं, बल्कि इसके पत्ते और बीजों का भी इस्तेमाल आयुर्वेदिक उपचार के लिए किया जाता है।

पपीते के सेवन से शरीर को कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाया जा सकता है। पपीते की एक अच्छी बात ये है कि ये हर मौसम में आसानी से मिल जाता है।

पपीते में पोषक, विटामिन, प्रोटीन, एनर्जी आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम प्रचूर मात्रा में पाया जाता है जो शरीर को सेहतमंद बनाए रखने में सहायक होता है। पपीते को पेट के लिए काफी अच्छा माना जाता है। पपीते में एंटी-बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं जो हमारे पाचन में मदद करते हैं। इसके साथ ही यह फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियों से लडऩे में भी हमारी मदद करता है।

Papaya in ayurveda :  विटामिन-सी, एंटी-ऑक्सिडेंट्स और फाइबर से भरपूर है पपीता

Papaya in ayurveda :
Papaya in ayurveda : आयुर्वेद में पपीते को एक औषधि के रूप में किया जाता है इस्तेमाल

पके पपीते के समान ही कच्चे पपीते के भी कई औषधीय गुण हैं। कच्चा पपीता लीवर के लिए काफी फायदेमंद होता है। यह लीवर को शक्ति प्रदान करता है और पीलिया आदि में लीवर के कमजोर पड़ जाने की स्थिति में इसके सेवन से या कच्चे पपीते की सब्जी बनाकर खाने से पीलिया रोगियों को काफी फायदा होता है।

इसमें मौजूद फाइबर कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में बेहद कारगर साबित होते हैं। पपीते का दूसरा सबसे बड़ा फायदा है कि यह वजन को नियंत्रित रखता है। यदि वजन कम करना चाहते हैं, तो एक मध्यम आकार के पपीते का सेवन फायदेमंद है।

शासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय, रायपुर के सह-प्राध्यापक डॉ. संजय शुक्ला ने पपीते के सेवन संबंधी दिशा-निर्देश बताएं हैं। उन्होंने बताया कि इसमें एसिडिक गुण कम होने के कारण सुबह के समय खाने से इसका पाचन आसानी से हो जाता है और इसमें मौजूद पानी की ज्यादा मात्रा और फाइबर की प्रचुरता भी शरीर की मेटाबोलिक रेट को संतुलित करती है। लेकिन यह ध्यान रखें कि इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें।

कच्चे पपीते और इसके बीजों में काफी मात्रा में विटामिन ‘ए’ ‘सी’ और ‘ई’ होता है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अर्थात् इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। कच्चा पपीता सर्दी और जुकाम के साथ कई अन्य प्रकार के इन्फेक्शन से भी लडऩे में मददगार साबित होता है। यह मूत्र संबंधी समस्याओं में भी फायदा पहुंचा सकता है।

पपीते में पोटैशियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है। पोटैशियम एक प्रकार का खनिज है जो हमारे शरीर में सोडियम से होने वाले प्रभावों को कम करता है जिससे हमारा रक्तचाप नियंत्रित रहता है। इसलिए आहार विशेषज्ञ भी उच्च रक्तचाप के मरीजों को पपीता खाने की सलाह देते हैं।

बीमारियों से लडऩे में है मददगार

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पपीता हमारे शरीर में विटामिन-सी की मात्रा को पूरा करता है। इससे हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे हमें कई प्रकार की बीमारियों से लडऩे में मदद मिलती है। पपीते के नियमित सेवन से शरीर के रोगग्रस्त होने आशंका कम हो जाती है। कच्चा पपीता एवं पका हुआ पपीता दोनों ही स्वास्थ्य की दृष्टि से फायदेमंद हैं। एक छोटे पपीते में लगभग 60 कैलोरी होती है।

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