भड़काऊ भाषण देने का आरोप
पुलिसकर्मी की मारपीट को लेकर शुरू हुआ था बवाल
रायपुर
रायपुर में करीब 6 घंटे तक पंडरी थाना का घेराव करने वाले भीम आर्मी के मेंबरों पर एफआईआर दर्ज हुई है। आरोप है कि भीम आर्मी भारत एकता मिशन छत्तीसगढ़ के सदस्यों ने बिना अनुमति प्रदर्शन किया। जो अवैध है। इसके अलावा मानव अधिकार का हनन किए जाने का आरोप लगाकर थाने का घेराव किए।
इस प्रदर्शन के दौरान पंडरी-मोवा मुख्य सड़क में लगातार ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। जिससे आसपास से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस मामले में पुलिस ने देवेंद्र मिरी कुलेश्वर प्रसाद, ओमप्रकाश और अन्य करीब दर्जन भर लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। कॉन्स्टेबल ने युवक की जबरन पिटाई की थी। जिसको लेकर प्रदर्शन किया था। वहीं, घेराव के दौरान थाने को छावनी में तब्दील कर दिया। ASP, 2 CSP, 7 थानों के TI समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात थे। थाने के आसपास बैरिकेडिंग की गई थी।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, पीड़ित गोपाल दास डहरिया ने बताया कि वह सेक्टर-8 सड्डू का निवासी है। 12 मार्च की रात करीब 9 बजे वह विज्ञान भवन के पास अपने भाई की चाय की दुकान पर खड़ा था। वहीं होली के दौरान पुलिसकर्मी सड़क पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त पर थे।
गोपाल ने बताया कि आरक्षक मनीष साहू युवक से तू-तड़ाक से बात करने लगा, फिर गाल पर थप्पड़ जड़ दिए। पिटाई का कारण पूछने पर आरक्षक ने गाली-गलौज की। वह कहता रहा कि वह अपने भाई की मदद करने दुकान पर आया है, लेकिन पुलिसकर्मी ने बिना किसी कारण के उसकी पिटाई की।
गोपाल ने बताया कि पुलिसकर्मी उसे उठाकर जबरन गाड़ी में बैठाने लगा, लेकिन वह डर गया और वहां से भाग गया। पुलिस की पिटाई से युवक के हाथ, पैर और सीने पर गंभीर चोटें आई हैं।
रायपुर पुलिस SSP डॉ लाल उम्मेद सिंह ने 16 मार्च को आरोपी कॉन्स्टेबल मनीष साहू को लाइन अटैच कर दिया था। हालांकि इस बात की जानकारी मीडिया में नहीं आई थी। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि, दोषी पुलिसकर्मी को नौकरी से बर्खास्त किया जाए। हालांकि पुलिसकर्मी को मंगलवार को सस्पेंड कर दिया गया।