लेबनान सीजफायर पर पाकिस्तान के दावों की खुली पोल, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शाहबाज शरीफ के बयान को नकारा

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ द्वारा लेबनान को सीजफायर में शामिल बताने वाले दावे को अमेरिका ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट किया कि सीजफायर समझौते में लेबनान कभी शामिल नहीं था और पाकिस्तान का यह दावा एक बड़ी गलतफहमी का परिणाम है।

उपराष्ट्रपति वेंस ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि शायद ईरानियों को लगा कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा है, लेकिन अमेरिका ने ऐसा कोई वादा नहीं किया था। शरीफ के दावे और अमेरिकी स्पष्टीकरण के बीच आए इस विरोधाभास ने वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की विश्वसनीयता और उसकी कूटनीतिक भूमिका को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

पाकिस्तान सरकार पिछले कुछ समय से यह प्रचार कर रही थी कि उसकी मध्यस्थता के कारण ही क्षेत्र में शांति स्थापित हो रही है। हालांकि, वेंस के बयान ने यह साफ कर दिया है कि लेबनान किसी भी औपचारिक शांति समझौते का हिस्सा नहीं रहा है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच पहले ही गहरे मतभेद बने हुए हैं।

कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान अक्सर घरेलू राजनीति और मुस्लिम देशों के बीच अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए इस तरह के बढ़ा-चढ़ाकर दावे करता है। वास्तविकता यह है कि पश्चिम एशिया के शांति प्रयासों में अमेरिका, ईरान, सऊदी अरब और इजरायल जैसे प्रमुख राष्ट्र ही निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले भी गाजा संघर्ष और यमन संकट के दौरान पाकिस्तान ने खुद को शांतिदूत के रूप में पेश करने की कोशिश की थी, जिसे अंतरराष्ट्रीय शक्तियों ने कभी औपचारिक मान्यता नहीं दी। अब शाहबाज शरीफ के सोशल मीडिया पोस्ट और उसके ड्राफ्ट को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं, जिससे पाकिस्तान की विदेशी नीति और कूटनीतिक स्थिति पर दबाव और बढ़ गया है।

Related News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *