कवर्धा, 15 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में 7 करोड़ रुपए के धान घोटाले को लेकर सियासत गरमा गई है। संग्रहण केंद्रों से भारी मात्रा में धान गायब होने और अधिकारियों द्वारा इसे ‘चूहों’ का काम बताए जाने के बाद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जेसीसीजे के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी खुद धान संग्रहण केंद्र पहुंचे और भ्रष्टाचार के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध जताया।
अमित जोगी का ‘मुसवा’ तलाश अभियान
कबीरधाम के बाजार चारभाठा संग्रहण केंद्र पहुंचे अमित जोगी ने चप्पे-चप्पे पर चूहों (मुसवा) की तलाश की। केंद्र का मुआयना करने के बाद उन्होंने एक वीडियो साझा करते हुए तंज कसा कि उन्हें वहां एक भी चूहा नहीं मिला। जोगी ने आरोप लगाया कि 7 करोड़ का धान असली चूहे नहीं, बल्कि ‘सरकार में बैठे वीआईपी मुसवे’ डकार गए हैं। उन्होंने कहा कि धान का गबन और कमीशनखोरी करने वाले बड़े लोग ही इस भ्रष्टाचार के असली जिम्मेदार हैं।
7 करोड़ का धान और ‘चूहे’ का बहाना
यह पूरा विवाद कबीरधाम जिले के दो प्रमुख संग्रहण केंद्रों, बाजार चारभाठा और बघर्रा से शुरू हुआ, जहां करीब 26,000 क्विंटल धान की कमी पाई गई है। इस धान की सरकारी कीमत लगभग 7 करोड़ रुपए है। जब इस भारी कमी पर सवाल उठे, तो जिला विपणन अधिकारी ने अजीबोगरीब सफाई देते हुए कहा कि खुले में रखे होने के कारण धान को चूहों, दीमक और कीटों ने खराब कर दिया है। इसी बयान के बाद ‘चूहा पकड़ो अभियान’ और ‘वांटेड चूहे’ के पोस्टरों के जरिए विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया।
प्रशासन की कार्रवाई: प्रभारी निलंबित
मामले के तूल पकड़ते ही जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। बाजार चारभाठा संग्रहण केंद्र में मिली भारी गड़बड़ी के बाद केंद्र प्रभारी प्रितेश पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, धान गायब होने का दोष चूहों और मौसम पर मढ़ने वाले जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) अभिषेक मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने पूरे प्रकरण की गहराई से जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन भी कर दिया है।