कवर्धा। छत्तीसगढ़ में हाल ही में धान के बड़े पैमाने पर गायब होने का मामला सुर्खियों में है। कवर्धा जिले में 26 हजार क्विंटल धान कथित रूप से चूहों द्वारा खा जाने के बाद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने ‘वांटेड चूहों’ की खोज अभियान शुरू किया है। इसके तहत कार्यकर्ता शहर और ग्रामीण इलाकों में जगह-जगह पोस्टर भी लगा रहे हैं।

विपक्ष ने उठाए गंभीर आरोप
जोगी कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि कुछ अधिकारियों ने धान का गबन किया और इसे चूहों पर डाल दिया। पार्टी का दावा है कि कवर्धा, महासमुंद, जशपुर और बस्तर के धान केंद्रों से गायब हुए धान को कथित रूप से चूहों द्वारा खाया गया बताया जा रहा है। गायब धान की अनुमानित कीमत लगभग 30 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
जिले में चूहों की खोज
जोगी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुनील केसरवानी ने कहा कि उनके जिले कबीरधाम में लगभग 7 से 8 करोड़ रुपये मूल्य का धान गायब हो गया। उन्होंने कहा कि यह गायब धान चूहों ने खा लिया और इसी को लेकर जगह-जगह पोस्टर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने मीडिया और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि अगर कोई “लापता चूहा” दिखाई दे तो तुरंत सूचित करें, ताकि संबंधित अधिकारियों को बताया जा सके कि यह चार-पैर वाला चूहा है या दो-पैर वाला।

आगामी कार्रवाई
सुनील केसरवानी ने यह भी बताया कि अगले दिन प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी धान संग्रहण केंद्र पहुंचेंगे। वे जाल लेकर चूहा पकड़ने वालों के साथ मिलकर चूहों को पकड़ेंगे और कलेक्टर के सामने उनका पर्दाफाश करेंगे।
इस अभियान को जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने धान चोरी की जांच और सरकार पर दबाव बनाने के लिए एक अनोखी मुहीम के रूप में पेश किया है।