हिंगोरा सिंह, अंबिकापुर/बलरामपुर। छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा पर स्थित ओरसा घाट में हुए भीषण बस हादसे को सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। 18 जनवरी 2026 को हुए इस दर्दनाक हादसे में 10 लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने के बाद, आईजी ने वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन कर दिया है। आईजी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में न केवल बस मालिक और चालक, बल्कि लापरवाही बरतने वाले पुलिस और परिवहन अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इन 5 मुख्य बिंदुओं पर होगी गहन जांच
आईजी सरगुजा रेंज द्वारा गठित टीम मुख्य रूप से निम्नलिखित तकनीकी और कानूनी पहलुओं की जांच करेगी:
अवैध परमिट: क्या निजी स्कूल बस को दूसरे राज्य में सवारी ले जाने की वैध अनुमति या परमिट प्राप्त था?
फिटनेस और कागजात: क्या दुर्घटनाग्रस्त बस के पास वैध फिटनेस प्रमाण पत्र और पंजीयन था?
ड्राइवर का लाइसेंस: क्या वाहन चालक के पास भारी मोटर वाहन (HMV) चलाने का वैध लाइसेंस मौजूद था?
ओवरलोडिंग: बस की निर्धारित क्षमता कितनी थी और हादसे के वक्त उसमें कितने यात्री सवार थे?
लापरवाही के तथ्य: क्या बस चालक द्वारा नियमों का उल्लंघन या लापरवाही बरती गई थी?
लापरवाह अधिकारियों पर भी कसेगा शिकंजा
जांच समिति यह भी परखेगी कि क्या संबंधित क्षेत्र की पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा नियमित रूप से वाहनों की जांच, फिटनेस टेस्ट और ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई की जा रही थी। यदि किसी भी स्तर पर पुलिस या आरटीओ (RTO) कर्मचारियों की कर्तव्य के प्रति लापरवाही, शिथिलता या उदासीनता पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध कठोर विभागीय और वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
एएसपी के नेतृत्व में जांच टीम रवाना
सरगुजा रेंज आईजी ने बलरामपुर जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) विश्व दीपक त्रिपाठी के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम गठित की है। टीम को निर्देशित किया गया है कि वे निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इस जांच का मुख्य उद्देश्य दोषियों की जिम्मेदारी तय करना और भविष्य में इस तरह के खौफनाक हादसों की पुनरावृत्ति को रोकना है।