बड़े पंधी में वार्षिक महोत्सव व मकर संक्रांति का आयोजन

सरायपाली- सरायपाली विकासखंड के ग्राम बड़े पंधी में 32 वां वाषिर्क महोत्सव व मकर सक्रांति महोत्सव धूमधाम से मनाया गया।इस अवसर पर वंदेमातरम सेवा संस्थान छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष व साहित्य साधक जन्मजय नायक बतौर संचालक सम्मिलित हुए।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभात फेरी से किया गया।जिसमें विद्यालयीन बच्चों के साथ ग्रामवासी,नवप्रभात गुरुकुल के ब्रम्हचारिणी,आचार्य आदि शामिल हुए।इसके पश्चात ऊँ का झण्डा फहराया गया तथा वैदिक यज्ञआहूति की गई।इस अवसर पर जन्मजय नायक ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा आनंद भोई अपने पिता स्व.वैष्णव भोई एवं माता स्व.कुंती भोई के पदचिन्हों पर चलते हुए उनके परिवार व ग्रामवासियों के सहयोग से सबसे प्राचीन हिन्दू धर्म ग्रन्थों व वेदों को पुनः सत्य के रूप में स्थापित करने तथा मानव जाति की शारीरिक,आध्यात्मिक और सामाजिक भलाई में सुधार करने के उद्देश्य से 32 वर्षो से जो यह कार्यक्रम चला रहे हैं

नि:संदेह सराहनीय व अनुकरणीय है।नायक ने आगे कहा बुद्धिमता व दूरदर्शिता वेदों के अध्ययन एवं वेदानुकुल आचरण से आती है।आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती की शिक्षाएँ आज की दुनिया में जरूरी है।एक धार्मिक नेता से ज्यादा उन्होंने धर्म और भारतीय समाज की अवधारणा पर गहरा प्रभाव छोड़ा।उन्होंने किसी विशेष जाति का नहीं बल्कि सार्वभौमिकता का प्रचार किया साथ ही वेदों को समस्त ज्ञान व धर्म के मूल स्रोत तथा प्रामाणिक ग्रन्थों के रूप में स्थापित करते हुए जनमानस को पुनः वेदों की ओर लौटने का आह्वान किया।नायक ने मकर संक्रांति के संदर्भ में कहा कि यह सूर्य उपासना का पर्व है।यह हमें प्रकृति का सम्मान करना और उसके साथ सह अस्तित्व बनाना सिखाती है।मौके पर नायक ने हरियाणा से पधारे कथावाचिका एवं वैदिक प्रवक्ता विदुषी अंजलि आर्या जी का आशीर्वाद भी लिया।इस अवसर पर हरियाणा से पधारे पण्डित मोहन जी शास्त्री,राहुल भारती जी,अंकुर जी,रवि जी,कंटगपाली गुरुकुल के संचालक ऋषिराज आर्य जी,नव प्रभात गुरुकुल नूआपाली(ओडिसा)के आचार्य प्रेमप्रकाश शास्त्री जी,शिक्षक प्रेमानंद भोई सहित अनेक गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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